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फाइलेरिया मुक्त औरंगाबाद बनाना हम सबकी जिम्मेदारी : सिविल सर्जन

Updated at : 09 Feb 2026 4:21 PM (IST)
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फाइलेरिया मुक्त औरंगाबाद बनाना हम सबकी जिम्मेदारी : सिविल सर्जन

10 फरवरी से शुरू होगा सर्वजन दवा सेवन अभियान, 11 को मेगा एमडीए कैंप

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10 फरवरी से शुरू होगा सर्वजन दवा सेवन अभियान, 11 को मेगा एमडीए कैंप

औरंगाबाद सदर. फाइलेरिया जैसी गंभीर और विकलांगता उत्पन्न करने वाली बीमारी से औरंगाबाद जिले को मुक्त करने के उद्देश्य से 10 फरवरी से सामूहिक दवा सेवन अभियान की शुरुआत की जा रही है. अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को सदर अस्पताल के सभाकक्ष में संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार ने की. इस अवसर पर डीपीएम स्वास्थ्य मोहम्मद अनवर आलम, डीआइओ सह डीवीबीडीसीओ डॉ मिथिलेश कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन से सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ नकीब सहित कई स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे. सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार ने बताया कि 10 फरवरी से शुरू हो रहे सामूहिक दवा सेवन अभियान के तहत जिले के सभी लक्षित लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जायेगी. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करने के लिए 11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप का आयोजन किया जायेगा, जिसमें बूथ लगाकर स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने दवा सेवन करायेंगे. इसके अलावा अभियान के बाद अगले 14 दिनों तक घर-घर जाकर छूटे हुए लाभार्थियों को दवा खिलाई जायेगी.

पूरी तरह सुरक्षित है फाइलेरिया रोधी दवा

उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. उच्च रक्तचाप, शुगर, गठिया जैसी सामान्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति भी इन दवाओं का सेवन कर सकते हैं. दवा खाने के बाद अगर किसी को हल्की मितली या चक्कर महसूस हो, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि शरीर में मौजूद परजीवी दवा के असर से नष्ट हो रहे हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक प्रखंड में रैपिड रिस्पांस टीम तैनात रहेगी.

20 लाख लाभार्थियों को खिलाई जायेगी दवा

डीपीएम स्वास्थ्य मो अनवर आलम ने बताया कि अभियान के दौरान जिले के 2001621 लाभार्थियों को दवा का सेवन कराया जायेगा. इसके लिए 930 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें प्रत्येक टीम में दो स्वास्थ्यकर्मी होंगे. पूरे अभियान की निगरानी 95 पर्यवेक्षक करेंगे. यह अभियान जिले के आठ प्रखंडों बारुण, दाउदनगर, देव, हसपुरा, मदनपुर, नवीनगर, ओबरा, रफीगंज तथा औरंगाबाद शहरी क्षेत्र में संचालित होगा. उन्होंने बताया कि डीईसी, अल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन दवाएं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर अपने सामने खिलाई जायेंगी. दवाओं का वितरण नहीं किया जायेगा. दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जायेगी.

मच्छरों के काटने से होती है बीमारी

डीआइओ सह डीवीबीडीसीओ डॉ मिथिलेश कुमार ने बताया कि फाइलेरिया संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है, जो लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाती है. समय पर बचाव न होने पर यह हाथीपांव, हाइड्रोसील जैसी विकृतियों का कारण बनती है. उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लगातार पांच वर्षों तक फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कर ले, तो जीवनभर इस रोग से सुरक्षित रह सकता है. कार्यक्रम में पीरामल स्वास्थ्य, सीफार, फाइलेरिया विभाग और रोगी हितधारक मंच के प्रतिनिधियों सहित अन्य लोग मौजूद थे.

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SUJIT KUMAR

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By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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