अंबा. प्रखंड मुख्यालय अंबा में बुधवार को सतबहिनी माई के आंचल तले विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती मनायी गयी. अक्षय तृतीया पर ब्रह्मर्षि विकास एवं जन कल्याण मंच के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी नीलेश पांडेय, अरूण कुमार पांडेय, परशुराम पांडेय, राजीव कुमार, विपुल कुमार समेत अन्य लोगों ने भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्प अर्पित व दीप प्रज्ज्वलित कर किया. अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष अजीत पांडेय व संचालन सचिव अंबुज कुमार ने किया. वक्ताओं ने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने अपने छठे अवतार में परशुराम का रूप धारण किया था. परशुराम ने किसी जाति वर्ण या वर्ग के नहीं, बल्कि वे समस्त मानव मात्र के आराध्य हैं. वे सनातन संस्कृति को बढ़ाने व धर्म की रक्षा तथा कुरीतियां फैलाने वाले अत्याचारियों का संहार कर धरती को पाप के भार से मुक्त किया था. यहां तक कि विश्व कल्याण के लिए जो विद्या उन्हें अपनाने की जरूरत पड़ी उन्होंने अपनाया था. इसके लिए भगवान परशुराम ने 21 बार दुराचारी राजाओं का संहार किया था. धरती पर जहां भी अन्याय व अत्याचार होता है धर्म की हानि होती है, वहां भगवान परशुराम विविध रूपो में प्रकट होकर अपना रौद्र रूप दिखाते हैं व आसुरी शक्तियां को नाश करते है. मंच के कोषाध्यक्ष रौशन कुमार पांडेय ने आगत अतिथियों को अंग वस्त्र व भगवान परशुराम का छायाचित्र देकर सम्मानित किया. इस मौके परशुराम पांडेय, जदयू के जिला सचिव वीरेंद्र मेहता, सुधीर सिंह, विनय पांडेय, विजय पांडेय, पप्पू पांडेय, सुधांशु आदि थे. भीष्म पितामह, गुरु द्रोणाचार्य व कर्ण जैसे वीर धनुर्धर उनके शिष्य रहे हैं.
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