औरंगाबाद/नवीनगर. नवीनगर के बड़ेम स्थित सूर्य राघव मंदिर परिसर में सोननद महोत्सव का आयोजन किया गया. कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव का उद्घाटन कुटुंबा विधायक ललन राम व रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जयप्रकाश नारायण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, प्रखंड प्रमुख लव सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया. कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुआ. अपर समाहर्ता ने विधायक एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को पौधा, शॉल एवं सोननद का प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया. विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया. महोत्सव में विधायक द्वारा गरीब एवं असहाय लोगों के बीच कंबल, तिलकुट एवं चूड़ा का वितरण भी किया गया. महोत्सव में सुप्रसिद्ध गायिका करीना पांडेय, सविता पांडेय एवं गायक आर्यन बाबू द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गयी, जिनका उपस्थित ग्रामीणों एवं दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया. करीना पांडेय ने एक के बाद एक कई मशहूर गाने गाये, जिसपर दर्शक झूमते रहे. सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव सोन नदी तट पर स्थित बड़ेम में मकर संक्रांति पर आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोकसंस्कृति, आस्था एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना है. उन्होंने सोन नदी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही सभ्यताओं का विकास नदियों के किनारे हुआ है. सोन नदी गंगा की प्रमुख सहायक नदी होने के साथ-साथ इस क्षेत्र की जीवनरेखा भी है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नदियों को प्रदूषण मुक्त रखना, पर्यावरण में उनकी भूमिका को समझना तथा नदियों के संरक्षण एवं विकास के माध्यम से समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने औरंगाबाद नगर की पेयजल समस्या का उल्लेख करते हुए बताया कि सोन नदी शहर को जल उपलब्ध कराने का प्रमुख स्रोत है. राज्य सरकार के प्रयास से स्थापित हो रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सोन नदी की स्वच्छता और संरक्षण अनिवार्य है. अंत में उन्होंने सभी से नदियों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया. कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रत्ना प्रदर्शनी, वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव एवं बेबी प्रिया, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज, प्रखंड विकास पदाधिकारी नवीनगर, सीओ सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे.
नयी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है महोत्सव : प्रमोद
रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव जिले के लिए गौरव का विषय है. उन्होंने कहा कि औरंगाबाद जिला भगवान सूर्य की नगरी के रूप में जाना जाता है और यहां सूर्य उपासना एवं मकर संक्रांति से जुड़े उत्सवों की विशेष परंपरा रही है. सोन नदी अमरकंटक पर्वत से निकलकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड होते हुए बिहार में प्रवेश करती है और इस क्षेत्र की संस्कृति, सभ्यता एवं कृषि व्यवस्था को जीवन प्रदान करती है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं तथा बच्चों एवं युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराते हैं. सोन नदी के माध्यम से किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचता है. इसलिए नदी का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने सभी नागरिकों से नदियों की स्वच्छता एवं सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया.महोत्सव से सांस्कृतिक चेतना होती है जागृत : ललन
कुटुंबा विधायक ललन राम ने सोन नदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोन नदी हम सभी के लिए पूजनीय एवं जीवनदायिनी है. भारतीय संस्कृति में प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों का पूजन किया जाता है, क्योंकि मानव जीवन का अस्तित्व इन्हीं पर निर्भर है. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक संसाधनों के साथ हो रही छेड़छाड़ से पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है. उन्होंने पौधारोपण, नदियों की स्वच्छता एवं संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि सोननद महोत्सव जैसे आयोजनों से न केवल सांस्कृतिक चेतना जागृत होती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुंचता है. उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन एवं सभी संबंधित पदाधिकारियों का आभार जताया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

