डीएओ ने कहा-कर्मचारियों से मांगी जायेगी स्पष्टीकरण
औरंगाबाद ग्रामीण. कोने में फैले कूड़े-कचरे और उस पर फेंकी गयी शराब की कई खाली बोतलें. पास में ही गंदे मिट्टी से भरा बेसीन. ये दोनों तस्वीर स्वच्छता अभियान को चिढ़ाती हुई नजर आती है. वैसे यह तस्वीर संयुक्त कृषि भवन की है. समझा जा सकता है कि यहां काम करने वाले कर्मचारी कैसे व्यवस्था बनाये हुए है. संबंधित अधिकारी को तो कम से कम नजर होनी चाहिए. कृषि विभाग खेती उपजाऊं विधि को लेकर जिले में जागरूकता अभियान चलाती है, लेकिन अब खुद कृषि विभाग कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों को ही जागरूक होने की जरूरत है. चारों तरफ गंदगियों का अंबार लगा है. बाहर से कार्यालय के भवन को देखने से पता चलता है कि अंदर सब कुछ बेहतर होगा. लेकिन अंदर की वास्तविकता कुछ और बयां करती है. औरंगाबाद के संयुक्त कृषि भवन में जब प्रभात खबर की टीम स्वच्छता को लेकर अपने अभियान पर निकली, तो इस कार्यालय के अंदर जाने पर पदाधिकारियों के कार्यालय कक्ष बेहतर नजर आये. मगर भवन के मुख्य द्वार के सामने की खाली जगह पर फैली गंदगी मुंह चिढ़ाती नजर आयी. भवन के अंदर घुसते ही कई जगह पान और गुटके के पाउच मिले. सभा कक्ष की अलग कहानी थी. सभा कक्ष की कुर्सियों पर पड़ी धूल की परत और फर्श पर बिखरे खाली पड़ी प्लास्टिक की प्यालियां यह बताने को काफी थी कि इस सभा कक्ष में कई दिनों से कोई बैठक नहीं हुई थी. भवन के अंदर सफाई की जगह पान व गुटखा की लाली दिख रहे थे. सभाकक्ष से आगे बने शौचालय की तरफ जब रुख किया तो देखा कि प्रत्येक कोने में गंदगी का अंबार था और शौचालय का उपयोग शायद काफी दिनों से नहीं हुआ था. ऐसा लगा कि वहां सफाई कभी हुई ही नहीं. शौचालय की दीवारें झोल के आगोश में मस्त थी और गंदगियों के साथ गलबहियां खेल रही थी.क्या कहते हैं डीएओ
जिला कृषि पदाधिकारी रामेश्वर प्रसाद से जब संयुक्त कृषि भवन में गंदगी और कूड़े-कचरों पर फैली शराब की बोतलों से संबंधित ध्यान आकृष्ट कराया गया और उनसे उनका पक्ष मांगा गया तो उन्होंने पहले तो इन्कार किया, लेकिन जब तस्वीरें उनके वाट्सअप पर गयी तो कहा कि मामला गंभीर है. कर्मचारियों से स्पष्टीकरण पूछा जायेगा. बाकी आप देख लिजियेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

