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सदर अस्पताल में अपहृत लड़की के परिजनों ने किया हंगामा

Updated at : 13 Jul 2025 5:31 PM (IST)
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सदर अस्पताल में अपहृत लड़की के परिजनों ने किया हंगामा

नाबालिग व बालिग के चक्कर में पीस रहा एक परिवार

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नाबालिग व बालिग के चक्कर में पीस रहा एक परिवार

लड़की जन्म प्रमाणपत्र के अनुसार बालिग व अन्य दस्तावेजों के अनुसार नाबालिग

परिजनों ने कहा-लड़की का जन्म प्रमाणपत्र फर्जी

जन्म प्रमाणपत्र की जांच के लिए अस्पताल पहुंची पुलिस

अपहृत लड़की और लड़के को पुलिस ने किया बरामद

परिजनों ने पुलिस पर लगाया मनमानी का आरोप

प्रतिनिधि, औरंगाबाद ग्रामीण.

मदनपुर प्रखंड के सलैया थाना क्षेत्र के एक गांव से किशोरी का अपहरण किये जाने का मामला प्रकाश में आया है. इस मामले में किशोरी के चाचा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है. रविवार की शाम सदर अस्पताल में उन्होंने बताया कि उनकी भतीजी एक जुलाई को अपने घर से विद्यालय जाने के लिए निकली थी, लेकिन विद्यालय समाप्त होने के बाद भी वह घर नहीं लौटी. खोजबीन की, तो पता चला कि एक ऑटो चालक ने किशोरी का अपहरण कर लिया है. जब इसकी सूचना सलैया थाने की पुलिस को दी गयी, तो सलैया थाने की पुलिस ने आवेदन पर कोई विचार नहीं किया. करीब 10 दिन बीत जाने के बाद सलैया थाने की पुलिस ने किसी तरह दोनों को बरामद कर लिया और थाना लाया. इसके बाद परिजनों को बुलाकर कहा गया कि जो आवेदन अपहरण का दिया गया है, उसमें अपहृता को नाबालिग बताया गया है. आवेदन को बदलकर बालिग कर दिया जाये. इसके बाद परिजनों ने आवेदन को बदलने से इनकार कर दिया. अपहृता के चाचा ने बताया कि पुलिस के अनुसार लड़की बालिग है, लेकिन जब परिजनों ने उसका आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज पुलिस को सौंपा, तो उससे प्रतीत होता है कि वह नाबालिग है. पुलिस को अपहरण करने वाले युवक ने एक जन्म प्रमाणपत्र भी दिया है, जिसमें लड़की बालिग है. परिजनों के अनुसार, वह जन्म प्रमाणपत्र फर्जी है. रविवार को इसी मामले की जांच करने सलैया थाने की पुलिस अपहृता लड़की को लेकर सदर अस्पताल पहुंची, तो मौके पर परिजन भी पहुंच गये और हंगामा करने लगे. काफी देर तक सदर अस्पताल में हंगामे का दौर चला. भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गयी.

रविवार होने के कारण जन्म प्रमाणपत्र काउंटर बंद था. इसके कारण जन्म प्रमाणपत्र किसने बनाया, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी. लड़की के चाचा ने कहा कि स्कूल के सभी दस्तावेज में लड़की नाबालिग है, लेकिन थानाध्यक्ष उनके दस्तावेज को नहीं मान रहे हैं. कहा जा रहा है कि आवेदन में अस्पताल के जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर जन्मतिथि अंकित की जाये, जो कि वह फर्जी है. इधर, इस मामले में जब सलैया थाने की पुलिस से बातचीत करने की कोशिश की गयी, तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया और लड़की को साथ लेकर थाना चले गये. हालांकि, इस संदर्भ में लड़की से जब बातचीत करने की कोशिश की गयी, तो उसने भी कुछ भी बताने से इनकार कर दिया. इधर, परिजनों ने कहा कि वे न्यायालय से भी गुहार लगायेंगे. परिजनों का आरोप है कि सलैया थाने की पुलिस दोनों को गुरुवार से थाने में रखे है, लेकिन न्यायालय को सुपुर्द नहीं किया गया है.

सभी आरोप बेबुनियाद-थानेदार

इधर, सलैया थानाध्यक्ष कन्हैया शर्मा ने बताया कि परिजनों द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद है. दोनों लड़का-लड़की को शनिवार को थाना लाया गया था. इसके बाद दोनों से पूछताछ की गयी और रविवार को सदर अस्पताल मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा गया. परिजनों से जो आवेदन प्राप्त हुआ है, उसी के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. वैसे परिजनों ने जो दस्तावेज पेश किये हैं, उसमें लड़की नाबालिग है. एक जन्म प्रमाणपत्र लड़की द्वारा भी थाने में दिया गया है, जिसमें लड़की बालिग है. वह जन्म प्रमाणपत्र सदर अस्पताल में बनाया गया है और उसकी मां द्वारा ही बनाया गया है. सोमवार को अपहृता का फर्द बयान कराया जायेगा. इसके उपरांत न्यायालय को सुपुर्द कर दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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