अनुदानित दर पर 55 लाभार्थियों के बीच किया गया सुकरों का वितरण

ऑफलाइन आवेदन के आधार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे गए थे
एससी एसटी वर्ग के इच्छुक लोगों से ऑफलाइन आवेदन किया था औरंगाबाद ग्रामीण. शहर के एमजी रोड स्थित जिला पशुपालन कार्यालय परिसर के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के तत्वावधान में सुकर विकास योजना के तहत अनुदानित दर पर सुकरों का वितरण किया गया. यह वितरण वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किया गया, जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के 55 लाभार्थियों को दो मादा एवं एक नर सुकर प्रदान किया गया. जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ श्याम किशोर ने बताया कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, जो पूंजी और पोषण के अभाव में पिछड़े हुए हैं, उनके लिए सुकर पालन रोजगार और पोषण का बेहतर साधन है. इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा 90 प्रतिशत अनुदान पर सुकर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि लाभार्थी आत्मनिर्भर बन सकें. सहायक कुकुट पदाधिकारी नीता कुमारी ने बताया कि ऑफलाइन आवेदन के आधार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे गए थे. अनुसूचित जाति के लिए 55 तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 10 सीटें निर्धारित थीं. जिले में अनुसूचित जनजाति की आबादी नहीं होने के कारण 10 सीटों पर चयन नहीं हो सका. उन्होंने सरकार से सामान्य वर्ग को भी योजना में शामिल करने की मांग की, क्योंकि कई सामान्य वर्ग के लोगों ने भी सुकर पालन में रुचि दिखाई है. उन्होंने बताया कि मात्र 2006 रुपये में दो मादा व एक नर सुकर दिया गया, जिसमें बीमा सुविधा भी शामिल है. विभागीय टीवीओ मोबाइल डॉ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सभी लाभार्थियों को सुकर पालन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है तथा बीमारियों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है. सभी सुकरों का पूर्ण बीमा किया गया है. मौके पर डॉ रविंद्रनाथ प्रसाद, डॉ दिवाकर कुमार, डॉ संजय कुमार, डॉ अभिनव कुमार सहित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
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