सीएम की प्रगति यात्रा से पहले योजनाओं के अधूरे कार्यों को पूरा करने में जुटा महकमा

AURANGABAD NEWS.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जिले में प्रस्तावित प्रगति यात्रा से पहले विभिन्न परियोजनाओं के अधूरे कार्यों को पूरा करने में प्रशासनिक महकमा जुटा है. जिले में स्वीकृत विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है.
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ की बैठक, दिये आवश्यक निर्देश
औरंगाबाद शहर.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जिले में प्रस्तावित प्रगति यात्रा से पहले विभिन्न परियोजनाओं के अधूरे कार्यों को पूरा करने में प्रशासनिक महकमा जुटा है. जिले में स्वीकृत विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है. गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में भारतमाला परियोजना (वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे) पैकेज-6, एनएच-120 दाउदनगर बाइपास पथ, एसएच-101 अंबा-देव-मदनपुर पथ के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, डीएफसीसीआइएल, सोन नगर बाइपास रेलवे लाइन और उत्तर कोयल जलाशय परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण, दखल कब्जा, मुआवजा भुगतान और लंबित मामलों की समीक्षा की गयी. भारतमाला परियोजना के अंतर्गत कुल 40.35 किलोमीटर लंबाई में 270.4283 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें 203.1182 हेक्टेयर रैयती भूमि शामिल है. कुल 3207 रैयतों में से 1383 रैयतों को मुआवजा प्रदान किया गया है. इस परियोजना के लिए कुल 200.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 79.76 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. भौतिक रूप से लगभग 31.50 किलोमीटर क्षेत्र में दखल कब्जा किया गया है. एनएच -120 दाउदनगर बाइपास पथ के अंतर्गत कुल 9.20679 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें 321 रैयत शामिल हैं. कुल स्वीकृत 54.60 करोड़ रुपये की राशि में से 17.97 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. शेष 0.9363 हेक्टेयर भूमि का रैयतीकरण और सरकारीकरण प्रक्रियाधीन है. इसी तरह एसएच-101 अंबा–देव–मदनपुर पथ के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत कुल 61.78314 एकड़ भूमि में से 18.8354 एकड़ भूमि पर दखल–कब्जा हो गया है. कुल 33.87 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के विरुद्ध 86.09 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. जबकि शेष भुगतान के लिए लगातार नोटिस निर्गत किये जा रहे हैं व विशेष कैंपों का आयोजन किया जा रहा है. डीएफसीसीआइएल मार्ग एवं उत्तर कोयल जलाशय परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान की प्रक्रियाएं प्रगति पर हैं. रैयतों को मुआवजा राशि भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है. भू–अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि अधिग्रहित भूमि का दखल–कब्जा सतत रूप से जारी है और लंबित भूमि के रैयतीकरण एवं सरकारीकरण की प्रक्रिया को तेज किया गया है. भुगतान में विलंब के कारण उत्पन्न असंतोष को दूर करने के लिए दस्तावेज संग्रह एवं सत्यापन के लिए नियमित रूप से कैंप लगाये जा रहे हैं. सभी लंबित वाउचर व आर्बिट्रेशन वादों की सतत निगरानी की जा रही है.लंबित मामलों में समय पर कार्रवाई का आदेश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि लंबित भूमि हस्तांतरण, मुआवजा भुगतान और परियोजनाओं की भौतिक प्रगति में तेजी लाते हुए सभी संबंधित विभाग समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें. इसके अलावा मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के आलोक में औरंगाबाद जिला अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि अर्जन की स्थिति की समीक्षा की गयी. देव रिंग रोड निर्माण, देव सूर्य मंदिर के समीप सूर्य कुंड और रुद्र कुंड परिसर से एसएच–101 तक ग्रीनफील्ड संपर्क पथ, रफीगंज बाइपास निर्माण, गया–औरंगाबाद पथ का चौड़ीकरण, बीआइएडीए औद्योगिक क्षेत्र निर्माण और नवीनगर रेलवे यार्ड के एलसी–29 पर आरओबी निर्माण से संबंधित परियोजनाओं में धारा 11(1) का प्रकाशन अधिकांश मामलों में पूर्ण कर लिया गया है. कुछ परियोजनाओं में रैयतों से प्राप्त आपत्तियों के निराकरण के लिए समिति का गठन किया गया है. शेष प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिये गये हैं.
रफीगंज में सर्वाधिक दाखिल खारिज के 22 मामले लंबित
इसके बाद राजस्व विभाग से संबंधित बैठक में दाखिल खारिज, आधार सीडिंग, अभियान बसेरा फेज–टू, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, इ–मापी, परिमार्जन प्लस, जन शिकायत पोर्टल, भू–लगान एवं भू–समाधान से संबंधित विषयों की क्रमवार समीक्षा की गयी. दाखिल–खारिज मामलों की समीक्षा में पाया गया कि जिले में 75 दिनों से अधिक अवधि से कुल 126 मामले लंबित हैं, जिनमें सर्वाधिक 22 मामले रफीगंज अंचल में लंबित हैं. इस पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित सीओ को निर्देश देते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित मामलों के निष्पादन का निर्देश दिया. हसपुरा अंचल में दाखिल–खारिज से संबंधित कोई भी मामला लंबित नहीं पाया गया. राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता एवं डिजिटलीकरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भूमि इ–मापी और परिमार्जन प्लस योजना की प्रगति की समीक्षा की गयी.लंबित मामलों को शीघ्र निबटारे का निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के हल्कावार प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए कर्मचारी और अंचलाधिकारी स्तर पर लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए निर्देश दिया. इ–मापी की समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले के सभी अंचलों में कुल 427 आवेदन लंबित हैं, जिनमें नबीनगर अंचल में 65, रफीगंज व देव अंचल में 60-60 आवेदन लंबित हैं. इस संबंध में सभी अंचलाधिकारियों को भूमि मापी कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. अभियान बसेरा फेज–2 के अंतर्गत अब तक 2467 लाभुकों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनमें से 1681 लाभुकों को भूमि पर्चा वितरित किया जा चुका है, जबकि 662 लाभुक पर्चा वितरण के लिए अयोग्य पाये गये हैं. आधार सीडिंग की समीक्षा में पाया गया कि जिले में कुल 85.5 प्रतिशत रैयतों का आधार सीडिंग पूर्ण हो गया है, जिसमें हसपुरा अंचल में सर्वाधिक 99.1 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गयी. बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला भू–अर्जन पदाधिकारी उपेंद्र पंडित, सदर डीसीएलआर श्वेतांक लाल, दाउदनगर डीसीएलआर, वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव, बेबी प्रिया सहित सभी अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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