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आहार व दिनचर्या में बदलाव से रह सकते हैं आजीवन निरोग : डॉ निशिगंधा

Updated at : 13 Jun 2025 6:54 PM (IST)
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आहार व दिनचर्या में बदलाव से रह सकते हैं आजीवन निरोग : डॉ निशिगंधा

डुमरी बालूगंज में लगाया गया नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर

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अंबा. डुमरी-बालूगंज स्थित ब्रांच सुप्रीम पब्लिक स्कूल में नेचुरोपैथी चिकित्सा सह योग शिविर का आयोजन किया गया. पंचदेव धाम चपरा द्वारा संचालित श्री श्री गायत्री कृपा कल्याण आरोग्य मंदिर के चिकित्सक डॉ निशिगंधा सुहाष नेमाडे, डॉ ऋषिकेश कुमार, सुदेश ठाकुर व विद्यालय के डायरेक्टर रंजन कुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया. डॉ निशिगंधा ने निरोग रहने के लिए कई नुस्खें बताये. उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन जीने के लिए अपने दिन चर्चा में थोड़ा-सा बदलाव करने की जरूरत है. बेहतर स्वास्थ्य के लिए खान-पान एवं रहन-सहन में थोड़ा सुधार करते हुए योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाना होगा. डॉ निशिगंधा ने बताया कि निरोग रहने के लिए नियमित प्राणायाम जरूरी है. आयुष मंत्रालय के निर्देशन में जगह-जगह पर योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है. योग को दिनचर्या में शामिल करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि हथेली, उंगली, कलाई व पैर के तलवा में कलर थेरेपी कर तथा विभिन्न पॉइंट पर दबाकर कई तरह के बीमारियों से बचाव किया जा सकता है. इम्यूनिटी स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम विलोम, जल्द श्वसन व दीर्घ श्वसन आदि प्राणायाम कराए गए. कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के उप प्राचार्य नवीन राज ने किया. शिविर में चिकित्सकों ने ब्लड प्रेशर डायबिटीज, एसिडिटी के दस्त बुखार, घुटना दर्द, कमर दर्द आदि से तुरंत आराम पाने से संबंधित कई तरह के घरेलू उपाय बताये. शिविर में कई लोगों का प्राकृतिक विधि से उपचार किया गया. प्राकृतिक विधि से इलाज से तुरंत आराम मिलने से लोग काफी खुश दिखे. डॉ सुदेश ने सभी मरीजों का बीपी एवं शुगर नि:शुल्क जांच किया. इस क्रम में 85 मरीजों का इलाज किया गया. कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के उपप्राचार्य नवीन राज ने किया. डायरेक्टर ने बताया कि तीन दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है. विद्यालय प्रबंधन द्वारा लगाए गए चिकित्सा शिविर को लोगों ने सराहनीय बताया. मौके पर शिक्षक अमर कुमार, सुमित कुमार, रजनीश कुमार, चंदन कुमार, रघुवंश वैद्य, शिक्षिका सोनाली कुमारी, रागनी कुमारी, अर्चना कुमारी, गुंजा कुमारी, सोनी कुमारी, पल्ल्वी कुमारी, कुमारी सोनी, नंदनी कुमारी, सोनम कुमारी, रुखसार प्रवीण आदि उपस्थित थे.

हथेली के एक-एक पॉइंट दबाकर विभिन्न बीमारियों से पा सकते हैं राहत, कलर थेरेपी से भी मिलेगा लाभ

डॉ निशिगंधा ने बताया कि हथेली के पॉइंट को दबाने से विभिन्न बीमारियों से राहत मिल सकता है. प्राणायाम के साथ कलर थेरेपी के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि ब्लड प्रेशर हाई होने पर अंगूठा के ऊपरी भाग नाखून के नीचे नीला, कलर मार्कर, व ज्यादा ठंड लगने पर तर्जनी अंगुली के ऊपरी भाग, नाखून के नीचे लाल कलर मार्कर से बिंदी का निशान बनाये. इंफेक्शन के कारण सर्दी, जुकाम, बुखार होने पर हाथ के सभी 10 उंगली में जॉइंट के पास हथेली की ओर काले कलर के मार्कर से निशान बनाने की बात उन्होंने बताया. कब्ज होने पर हाथ की कलाई से चार उंगली ऊपर दबाने से आराम मिलेगा. वहीं निचले भाग में दबाने देने से उल्टी कब्ज से छुटकारा मिलता है. गर्भवती महिलाओं को जी मिचलाने पर यह उपाय कारगर साबित होता है. ऐसा करने से उल्टी नहीं होती है. एसिडिटी बनने पर अंगूठा एवं तर्जनी अंगुली के मध्य भाग में दबाने की बात उन्होंने बताया. उन्होंने बताया कि पेट में दर्द होने पर हथेली के बीच में दबाने से व महिलाओं को पीरियड आने पर अनामिका एवं मध्यमा उंगली के बीच में दबाने से दर्द कम होता है. उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक आने पर कनिष्ठ अंगुली से चार पांच बूंद ब्लड निकलने से थोड़ी देर तक आराम मिलता है. बेहोशी होने पर नाक के नीचे का भाग एवं पैर के तलवा के गदी का मध्य भाग दबाने से राहत मिलती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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