फोटो नंबर-16- प्रेस वार्ता में शामिल एनडीए नेता औरंगाबाद ग्रामीण. शहर के दानी बिगहा स्थित जिला अतिथि गृह में एनडीए नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता का आयोजन किया. प्रेसवार्ता में जदयू प्रदेश प्रवक्ता डॉ अनुप्रिया पटेल, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पीयूष शर्मा एवं जदयू प्रदेश नेत्री पूनम शर्मा शामिल हुई. अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह चंद्रवंशी व संचालन जदयू जिला मुख्य प्रवक्ता अजिताभ सिंह रिंकू ने किया. सभी लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जातिगत जनगणना करवाने के निर्णय को ऐतिहासिक बताया. जदयू प्रदेश प्रवक्ता डॉ अनुप्रिया पटेल ने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के समग्र हित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जातिगत जनगणना कराने का निर्णय अभूतपूर्व एवं स्वागत योग्य है. इस जातीय जनगणना के माध्यम से वंचित, पिछड़े और उपेक्षित वर्गों को सही पहचान और सरकारी योजनाओं में उनकी उचित भागीदारी दिलाने की दिशा में यह एक निर्णायक पहल है. नीतीश कुमार जातिगत जनगणना की नींव रखने वाले प्रमुख नेताओं में से एक हैं. जातीय जनगणना के मुद्दे पर नीतीश हमेशा सक्रिय रहे हैं. 1994 में संसद में अपने भाषण में नीतीश ने इसकी मांग की थी. बतौर सीएम नीतीश ने सभी वर्गों के सशक्तीकरण के लिए काम किया. पीएम मोदी ने देशभर में जातीय जनगणना कराने का निर्णय लेकर विपक्ष को करारा जवाब दिया है. जब-जब विपक्ष सत्ता में रहा जातीय जनगणना नहीं करायी गयी, सिर्फ उसके नाम पर सियासत हुई. उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार ने खुद से जातीय सर्वे कराया जिसके कारण देश भर में जाति जनगणना की जमीन तैयार हुई. बिहार के फैसले को देश के स्तर पर अपनाया गया है. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पीयूष शर्मा ने कहा कि केंद्र के इस फैसले से वंचित वर्गों का कल्याण एवं उत्थान होगा. इसके साथ ही उन्हें मुख्य धारा से भी जोड़ा जायेगा. अब केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मजबूत एनडीए सरकार ने देश में जातिगत गणना कराने का निर्णय लिया है. पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी सभी जाति-धर्म का उत्थान कर रही है. बीते साल भी जाति गणना करवा कर बिहार के हित में कराया गया था. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक फैसला है. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने सामाजिक न्याय के नाम पर सिर्फ उन्माद फैलाया था. इस जाति गणना से शोषितों और वंचितों के लिए नीति बनाना आसान होगा. राहुल गांधी जाति गणना का विरोध करते थे और अब श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं. कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, वहां जाति गणना हुआ, लेकिन आज तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किया गया. जदयू नेत्री पूनम शर्मा ने कहा कि बिहार में सत्तारूढ़ जदयू केंद्र सरकार से हमेशा जातिगत जनगणना कराने की मांग करता रहा है. इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जातिगत गणना कराकर न्याय के साथ विकास की अपनी नीति को स्पष्ट किया है. प्रेसवार्ता में रालोमो जिलाध्यक्ष अशोक मेहता, भाजपा जिला प्रवक्ता जीतेंद्र गुप्ता, दीपक कुमार सिंह, जदयू जिला उपाध्यक्ष ओंकारनाथ सिंह, सूरज राय, राकेश सिंह सहित अन्य मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

