Aurangabad News : 24 घंटे का अल्टीमेटम, संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो और अनुशासनात्मक कार्रवाई

Aurangabad News:फार्मर रजिस्ट्री योजना में लापरवाही पर 541 कर्मियों का वेतन किया गया स्थगित
औरंगाबाद शहर. फार्मर रजिस्ट्री योजना में लापरवाही बरतना जिले के सरकारी कर्मियों को भारी पड़ गया है. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए न केवल 541 कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है, बल्कि उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया है. डीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो राज्य सरकार को सीधी अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा भेज दी जायेगी.
इन कर्मियों पर हुई नामजद कार्रवाई
प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आये कर्मियों की लंबी सूची जारी की गई है. इनमें दाउदनगर प्रखंड के कई कर्मी शामिल हैं. जिन प्रमुख नामों पर कार्रवाई हुई है, उनमें विशेष सर्वे अमीन साधना पटेल, संजना कुमारी सिन्हा, मनवर अंसारी, विशाल कुमार, इरफान अंसारी, सोमनाथ सिंह, दिव्या कुमारी, मंटू कुमार, विकास विक्रम. पंचायत सचिव अरविंद कुमार, रजनीकांत कुमार महतो, दिलीप कुमार, सुमन कुमार, अनुप ओझा. राजस्व कर्मचारी देवेंद्र सिंह, परमेश्वर मोची, राहुल कुमार, आशुतोष कुमार राय. सर्वे अमीन प्रियंका कुमारी, प्रशिका कमल, ज्ञान प्रकाश रंजन. आवास सहायक वृजबिहारी गुप्ता, नीलेश कुमार. पंचायत रोजगार सेवक चंद्रशेखर आजाद, कैलाश पंडित, परमेश्वर प्रसाद ठाकुर, राजीव कुमार सिन्हा, अमरेश कुमार. कार्यपालक सहायक धर्मेंद्र कुमार, धनंजय कुमार, अनिल कुमार, गुंजन गौरव, किशन ओरांव, डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रवीण कुमार हैं. हालांकि, दाउदनगर के अलावा इस लापरवाही में सबसे बड़ी संख्या नवीनगर प्रखंड के कर्मियों की है, जिन पर समान रूप से गाज गिरी है.
आदेश की अवहेलना और मनमानी का आरोप
जिलाधिकारी ने अपने पत्र में सख्त टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल कार्य के प्रति घोर लापरवाही है, बल्कि यह कर्मियों की स्वेच्छाचारिता, मनमानी और वरीय पदाधिकारियों के आदेशों की सीधी अवहेलना है. इसी को आधार बनाते हुए सभी संबंधित कर्मियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है.स्पष्टीकरण तक वेतन स्थगित
डीएम के आदेशानुसार, जब तक स्पष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होती और अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक इन सभी कर्मियों का वेतन स्थगित रहेगा. पत्र में साफ कहा गया है कि जवाब संतोषजनक न होने पर सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जायेगी.मिशन मोड में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
फार्मर रजिस्ट्री योजना का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है. सरकार इसे मिशन मोड में चला रही है, लेकिन जमीनी अमले की उदासीनता इसमें बड़ी बाधा बन रही थी. एक दिन पूर्व ही डीएम ने नवीनगर में शिविर का निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिये थे. इस बड़ी कार्रवाई को जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि जनहित और खासकर किसानों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी.प्रशासनिक इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई, महकमे में मचा हड़कंप
सरकारी काम में लापरवाही और सुस्ती बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है. फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में डीएम ने एक साथ 541 कर्मियों पर गाज गिरायी है. प्रशासनिक जानकारों की मानें तो औरंगाबाद जिले के इतिहास में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कर्मियों पर कार्रवाई कभी नहीं हुई थी. इससे पहले शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों पर स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गयी थी, लेकिन उस वक्त भी प्रभावित कर्मियों की संख्या इतनी अधिक नहीं थी. 541 कर्मियों पर एक साथ वेतन बंदी की कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि जिला प्रशासन काम में कोताही को लेकर अब ””जीरो टॉलरेंस”” की नीति पर चल रहा है.
डीएम का सख्त संदेश, काम करें या कार्रवाई भुगतें
जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने इस कार्रवाई के जरिये स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि जो कर्मी तत्परता और ईमानदारी से अपना काम नहीं करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा.
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