15 मिनट तक होती रही गोलीबारी

Published at :28 Oct 2016 9:07 AM (IST)
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15 मिनट तक होती रही गोलीबारी

कामयाबी. बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में जुटे थे नक्सली पुिलस व सुरक्षाबलों की नयी रणनीित के सामने लगातार उल्टा पड़ रहे नक्सलियों के दावं औरंगाबाद/नवीनगर : गुरुवार की दोपहर भाकपा माओवादी नक्सली संगठन का एक बड़ा दस्ता नक्सली औरंगाबाद जिले के जंगलतटीय इलाका टंडवा थाना क्षेत्र के शिकारपुर गांव से दक्षिण इकट्ठा […]

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कामयाबी. बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में जुटे थे नक्सली
पुिलस व सुरक्षाबलों की नयी रणनीित के सामने लगातार उल्टा पड़ रहे नक्सलियों के दावं
औरंगाबाद/नवीनगर : गुरुवार की दोपहर भाकपा माओवादी नक्सली संगठन का एक बड़ा दस्ता नक्सली औरंगाबाद जिले के जंगलतटीय इलाका टंडवा थाना क्षेत्र के शिकारपुर गांव से दक्षिण इकट्ठा होकर योजना बना रहा था. हालांकि, वक्त रहते पुलिस को इसकी जानकारी मिल गयी, जिसके कारण वे अपने रणनीति में विफल हो गये.
नई रणनीति के तहत एसएसबी व सीआरपीएफ के जवान नक्सलियों को घेरने के लिये शिकारपुर गांव की ओर रवाना हो गये. पुलिस को आते देख नक्सली घबरा गये और गोलीबारी शुरू कर दी. पुलिस जवानों ने भी मोरचा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई के तहत फायरिंग की.
दोनों ओर से करीब 10 से 15 मिनट तक गोलीबारी हुई. इसके बाद नक्सली जंगलों के रास्ते भाग निकले. मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने मौके से पांच केन बम, तीन रेगुलर राइफल सहित अन्य सामानों की बरामदगी की है. बताते चलें कि एक महीने के अंदर पुलिस द्वारा नक्सलियों पर दूसरी कार्रवाई के साथ-साथ उपलब्धि भी हासिल की है. इसके पहले 10 अक्तूबर को देव व मदनपुर के दक्षिण इलाके सागरपुर गांव में पुलिस-नक्सली के बीच मुठभेड़ हुई थी. उस मुठभेड़ में त्यागी सिंह भोक्ता नामक नक्सली मारा गया था, इसके पास से पुलिस ने एक राइफल बरामद की थी. इसके पूर्व आठ जनवरी को ढिबरा थाना क्षेत्र के बनमंझौली जंगल में पुलिस-नक्सली के बीच मुठभेड़ हुई थी.
उस दौरान चार नक्सली मारे गये थे. एके-47 जैसे आधुनिक हथियार एवं विस्फोटक सामग्री व कागजात को बरामद किया था. इसके बाद नक्सलियों का पांव काफी दिनों तक उखड गये थे. इसी क्रम में मार्च महीने में तीन नक्सली संगठन छोड़ कर समाज के मुख्यधारा में जुडते हुये पुलिस के समक्ष हथियार के साथ मदनपुर में आत्मसर्मपण कर दिया था, इससे बौखलाये नक्सलियो ने सबजोनल कमांडर संजय यादव के मकान को बम लगाकर ध्वस्त कर दिया. जिसके कारण संगठन में रहे कुछ लोग डर गये तो कुछ लोग हिम्मत जुटाकर आत्मसमर्पण किया.
इसके बाद जुलाई माह में औरंगाबाद गया जिले के सीमा पर डुमरी नाला के समीप पुलिस नक्सली के बीच मुठभेड हुआ, उस दौरान कई नक्सली मारे गये थे, हालांकि पुलिस को भी काफी नुकसान हुआ था. इस घटना का बदला लेने के लिये पुलिस ने नई रणनीति बनायी और उसके तहत नक्सलियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी. इस दौरान कई बड़े नक्सली जैसे अभय यादव, हीरामन यादव सहित अन्य लोग पुलिस के हत्थे चढ गये. इसके बाद पुलिस का हौसला दिन प्रतिदिन बढ गया और नक्सली डूमरी नाला घटना के बाद चुप्पी साधे हुये थे.
इसी बीच नक्सली 30 सितंबर की रात्रि दो बाइक जला कर अपनी उपस्थिति फिर से नये पुलिस कप्तान के समक्ष दिखाने का काम किया, लेकिन इस घटना में शामिल एक नक्सली बेबी यादव को पुलिस ने पकड़ लिया.
इसके बाद नक्सली सागरपुर गांव में अपनी रणनीति तय कर ही रहे थे कि इसकी भनक पुलिस को मिल गयी और फिर एक बार एक नक्सली को मुठभेड में मार गिराया. इधर एसपी सत्यप्रकाश ने कहा है कि नक्सलियो के विरूद्ध कार्रवाई जारी रहेगी. लगातार जंगलतटीय इलाको में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. जो नक्सली मुख्य धारा में आना चाहते हैं, उनका स्वागत करते हैं और जो लोग पुलिस से लडाई लडेंगे उन्हें करारा जवाब दिया जायेगा.
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