मई माह में 70 महिलाओं ने बनवाये ड्राइविंग लाइसेंस

Published at :27 Jun 2016 7:56 AM (IST)
विज्ञापन
मई माह में 70 महिलाओं ने बनवाये ड्राइविंग लाइसेंस

क्रेज. छोटे शहरों में भी आगे बढ़ने की जिद, हर क्षेत्र में आधी आबादी आजमा रही हाथ कुछ वर्ष पूर्व महिलाओं को वाहन चलाते देख भले ही हैरत होती थी. लेकिन आज ऐसा नहीं है. पुरुषों की रेस में महिलाएं अब कही भी पीछे नहीं हैं. हर जगहों पर महिलाएं अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही […]

विज्ञापन
क्रेज. छोटे शहरों में भी आगे बढ़ने की जिद, हर क्षेत्र में आधी आबादी आजमा रही हाथ
कुछ वर्ष पूर्व महिलाओं को वाहन चलाते देख भले ही हैरत होती थी. लेकिन आज ऐसा नहीं है. पुरुषों की रेस में महिलाएं अब कही भी पीछे नहीं हैं. हर जगहों पर महिलाएं अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं. महिलाएं वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवा रही हैं.
औरंगाबाद (सदर) :बदले वक्त के साथ महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर हो रही हैं. समाज में आयी जागरूकता व महिला वर्ग के नौकरी पेशे से जुड़ने के कारण उनका आत्मविश्वास बढ़ा है. यही वजह है कि आज रोजमर्रा के कामों में अपना हाथ बंटानेवाली महिलाएं वाहन चलाने के प्रति खूब रुचि ले रही हैं.
वाहनों के प्रति महिलाओं का क्रेज कुछ ही समय में इतना बढ़ा है कि अब तो वे बकायदा वाहनों का अपने नाम पर रजिस्ट्रेशन करा ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवा रही हैं. इनके लिये परिवहन विभाग भी जागरूक है और जिला परिवहन कार्यालय में लाइसेंस बनाने आये पुरुषों के कतार में महिलाओं को खड़े देख उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है.
विभाग के कर्मचारी बताते हैं कि महिलाओं को ज्यादा देर तक कतार में खड़े नहीं रहे. इस पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ऐसे में महिलाएं भी जागरूक हो हरी हैं और अपना लाइसेंस बनवाने परिवहन विभाग पहुंच रही हैं.
जिन दस्तावेजों की पड़ती है जरूरत
लाइसेंस बनाने की दो श्रेणी निर्धारित है. पहली श्रेणी में बिना गियर वाली गाड़ी स्कूटी और दूसरी श्रेणी में कार और मोटरसाइकिल गियर वाली गाड़ी आती हैं. इनके लाइसेंस बनाने के लिए जन्म तिथि प्रमाणपत्र, निवास प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, 10वीं कक्षा का सर्टिफिकेट, फोटो आवश्यक होते हैं. इन दस्तावेजों के साथ कोई भी लर्निंग लाइसेंस के लिए विभाग को आवेदन कर सकता है.
और आसान हो प्रक्रिया
महिलाओं के लिए लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया और आसान हो. इसके लिये परिवहन विभाग को विशेष तौर पर ध्यान देने की जरूरत है. समाजसेवी महिला डॉ कुसुम कुमारी व नेहा रानी ने बताया कि महिलाओं के लिए लाइसेंस बनाने का एक अलग से कैंप भी आयोजित किया जा सकता है. अगर जिला परिवहन विभाग ऐसे कैंप का आयोजन करता है तो जो महिलाएं परिवहन कार्यालय तक झिझक के कारण नहीं पहुंच पाती हैं व अपना लाइसेंस कैंप में आकर बनवा सकेंगी. परिवहन विभाग को ऐसे कार्य के लिए कोई अलग से दिन निर्धारित भी करना चाहिए, ताकि वाहन चलानेवाली महिलाओं को आसानी से लाइसेंस निर्गत हो सके.
महिलाओं को दी जाती है प्राथमिकता
जिला परिवहन कार्यालय में भले ही महिलाओं के लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं की गयी है. लेकिन, विभाग के काउंटर पर बैठनेवाले कर्मचारियों को ये निर्देश दिया गया है कि अगर कोई महिला काउंटर पर लाइसेंस बनाने के लिए पहुंचती हैं तो उन्हें प्राथमिकता दी जाये. काउंटर पर ज्यादा देर तक उन्हें इंतजार नहीं कराया जाये. अब तक 2016 के अप्रैल माह में 81 लर्निंग लाइसेंस ब नाये गये हैं वह छह पुराने लाइसेंस को महिलाओं ने रिनुअल कराया है.
मई माह में 70 लर्निंग लाइसेंस बने हैं और सात को रिनुअल किया गया है. जून माह में अब तक मात्र आठ लर्निंग लाइसेंस ही बन पाये हैं. यह आंकड़ा पुरुषों के अनुपात में 10 प्रतिशत से अधिक है. महिलाएं जागरूक हो रही हैं. इनके लिये अलग से कैंप की व्यवस्था भी भविष्य लगाया जायेगा.
रंजीत कुमार , मोटरयान निरीक्षक पदाधिकारी
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन