औरंगाबाद में निजी विद्यालयों की मनमानी पर प्रशासन सख्त, जांच शुरू

Published by :SUJIT KUMAR
Published at :24 Apr 2026 6:13 PM (IST)
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औरंगाबाद में निजी विद्यालयों की मनमानी पर प्रशासन सख्त, जांच शुरू

सख्ती. फीस वसूली और शोषण की शिकायतों पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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सख्ती. फीस वसूली और शोषण की शिकायतों पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई प्रतिनिधि, औरंगाबाद कार्यालय. औरंगाबाद में निजी विद्यालयों की ओर से मनमाना फीस वसूली और अभिभावकों के आर्थिक शोषण की शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नामांकन प्रक्रिया के बीच पुनः नामांकन शुल्क, वार्षिक शुल्क एवं अन्य अनुचित शुल्क वसूले जाने की शिकायतों के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर विभिन्न निजी विद्यालयों की जांच शुरू कर दी गयी है. प्राप्त शिकायतों के अनुसार, कई निजी विद्यालय नियमों के विरुद्ध री-एडमिशन फीस, वार्षिक शुल्क समेत अन्य मदों में अभिभावकों से अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं. इतना ही नहीं, कुछ विद्यालयों की ओर से अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही ऊंची कीमतों पर पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किये जाने की बात सामने आयी है, जिसे जिला प्रशासन ने गंभीर अनियमितता माना है. जांच दल का गठन, कई विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन की ओर से जांच दल का गठन किया गया है. गठित टीम की ओर से शुक्रवार को अपने-अपने आवंटित विद्यालयों का संयुक्त रूप से भौतिक स्थलीय निरीक्षण किया गया. इस दौरान सरस्वती शिशु मंदिर, डीएवी पब्लिक स्कूल की दोनों शाखाएं, बिरला ओपन माइंड बराटपुर समेत अन्य निजी विद्यालयों की जांच की गयी. इस निरीक्षण के दौरान जांच दल ने विद्यालयों में फीस संरचना, नामांकन प्रक्रिया, पुस्तक और यूनिफॉर्म बिक्री से संबंधित शिकायतों की गंभीरता से जांच की. साथ ही विद्यालय प्रबंधन से आवश्यक दस्तावेजों की भी मांग की गयी. कड़ी कार्रवाई के संकेत, अभिभावकों से अपील जांच के बाद विस्तृत प्रतिवेदन जिलाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है, जिसके आधार पर आगे कार्रवाई की जायेगी. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी विद्यालय की ओर से नियमों की अनदेखी, मनमानी शुल्क वसूली अथवा अभिभावकों के शोषण की पुष्टि होती है, तो संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जायेगी. प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि किसी विद्यालय की ओर से अनुचित शुल्क वसूला जा रहा हो या किसी विशेष दुकान से किताब और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जा रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से निजी विद्यालयों में हड़कंप मचा है. अभिभावकों ने इसे राहत देने वाला कदम बताया है. शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के हितों की रक्षा को लेकर प्रशासन की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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