यहां होती है मनोकामना पूरी

Published at :18 Nov 2015 6:58 PM (IST)
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यहां होती है मनोकामना पूरी

यहां होती है मनोकामना पूरी हजारों छठ व्रतियों ने पौराणिक धरोहर छठी अहरा तालाब में दिया अर्घ (फोटो नंबर-1,2) परिचय-छठी अहरा तालाब पर अर्ध्य अर्पित करते छठ व्रती,छठी मइया की पूजा अर्चना करते श्रद्धालु हसपुरा (औरंगाबाद) प्रखंड में छठ व्रत करने का छठी अहरा तालाब सूर्य मंदिर नहीं रहने के बावजूद सांस्कृतिक धरोहर के रूप […]

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यहां होती है मनोकामना पूरी हजारों छठ व्रतियों ने पौराणिक धरोहर छठी अहरा तालाब में दिया अर्घ (फोटो नंबर-1,2) परिचय-छठी अहरा तालाब पर अर्ध्य अर्पित करते छठ व्रती,छठी मइया की पूजा अर्चना करते श्रद्धालु हसपुरा (औरंगाबाद) प्रखंड में छठ व्रत करने का छठी अहरा तालाब सूर्य मंदिर नहीं रहने के बावजूद सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विख्यात है. जगह सीमित रहने के बावजूद लगभग एक हजार मीटर लंबी छठी अहरा पगडंडी पर हजारों श्रद्धालु ने अपने मनोकामना लिये भगवान सूर्य नारायण का छठ व्रतियों ने डूबते एवं उगते सूर्य का अर्घ दिया. हसपुरा बाजार से आधा किलोमीटर पश्चिम दिशा में अवस्थित छठी अहरा तालाब अर्घ्य अर्पित करने के लिये प्रमुख स्थलाें में से एक है. ऐसी मान्यताएं है कि छठी अहरा तालाब पर जो भी छठ व्रती सच्ची निष्ठा से भगवान सूर्य नारायण की अर्घ देता है उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है. छठी अहरा तालाब की पौराणिक कथा है कि छठी नाम की वृद्ध महिला कई बीमारी से ग्रसित थी.महिला ने पूरे कार्तिक माह में नित्य प्रात: स्थान कर अपने घर में बना रूखा -सूखा भोजन करती थी.जब छठ व्रत आया तो पवित्रता के साथ चार दिवसीय छठ व्रत रखा.डूबे और उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया.कुछ दिन बाद वृद्ध महिला की सभी बीमारी ठीक हो गया और स्वस्थ होकर चंगा हो गयी. तब से छठी अहरा तालाब भगवान सूर्य नारायण की अर्घ अर्पित के लिये आस्था व विश्वास का केंद्र बन गया.जहां हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिये कार्तिक माह में व्रत रख कर उदीयमान अस्ताचलगामी भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पित कर शरबत, केले एवं प्रसाद ग्रहण कर व्रत को श्रद्धालु तोड़ते है. उपस्थित श्रद्धालुओं ने लोक आस्था का छठ व्रत प्रकृति एवं पवित्रता की छटा समाये -आदित्य मइया होइह न सहाय गीतों के साथ छठ व्रत संपन्न हो गया. छठव्रतियों की भीड़ अाराधना के साथ अर्घ देने लिए उमड़ पड़ी थी. छठव्रती तालाब में स्नान कर अपने हाथों में अइपन, सिंदूर, रोड़ी,फूल, कसइली ,पान लिये सूप में दीप जला कर अराधना में लीन हुए तो भगवान सूर्य उगने में जरा भी देर न किये. श्रद्धालु लोक गीतों से उन्हें सूर्योदय होेने का स्वागत कर रहे थे.तामिलनाडू का गणपति मंदिर रहा आकर्षक का केंद्रछठ व्रत के अवसर पर हसपुरा बाजार व कनाप रोड में छठी मइया की प्रतिमा स्थापित की गयी थी. यहां श्रद्धालुओं की भीड़ पूजा-अर्चना के लिए उमड़ पड़ी है. छठव्रती समेत श्रद्धालु छठी अहरा घाट से लौट कर आने के क्रम में भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की. पूजा-अर्चना में डेंजर क्लब के सदस्य श्रद्धालुओं का सहयोग कर रहे थे.क्लब की ओर से श्रद्धालुओं को चाय पिलाया जा रहा था. तामिलनाडू के गणपति मंदिर स्वरूप भव्य पंडाल में छठी मइया विराजमान थी. क्लब के सदस्यों में डाॅ विपिन कुमार, मिंटू कुमार,मनोज कुमार, गुंजन पटेल, अगस्त कुमार, रवि कुमार, गणेश कुमार, कविंद्र निराला, ब्रजेश कुमार, राजू पटेल, मंडल यादव ने श्रद्धालुओं के प्रति आस्था जतायी है.

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