अनिश्चितकालीन हड़ताल से कामकाज हुआ प्रभावित

Updated at : 05 Dec 2017 7:20 AM (IST)
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अनिश्चितकालीन हड़ताल से कामकाज हुआ प्रभावित

दाउदनगर अनुमंडल : बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के आह्वान पर 6 सूत्री मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग के संविदा पर बहाल कर्मी हड़ताल पर चले गए ,जिसके कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दाउदनगर में कई आवश्यक कार्य प्रभावित दिखे .प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद दिखा .नियमित चिकित्सकों द्वारा ही मैनुअल पुर्जा बनाकर […]

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दाउदनगर अनुमंडल : बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के आह्वान पर 6 सूत्री मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग के संविदा पर बहाल कर्मी हड़ताल पर चले गए ,जिसके कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दाउदनगर में कई आवश्यक कार्य प्रभावित दिखे .प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद दिखा .नियमित चिकित्सकों द्वारा ही मैनुअल पुर्जा बनाकर मरीजों की दवाएं लिखी जा रही थी.

दोनों नियमित चिकित्सक डॉ आरएन ओझा एवं डॉ यतींद्र प्रसाद मरीजों का इलाज कर रहे थे. बताया गया कि दाउदनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा पर नियुक्त चार बीपीएमयू,4 ऑपरेटर, चिकित्सक, आयुष चिकित्सक, फार्मासिस्ट एवं 14 एएनएम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.इससे कामकाज प्रभावित हुआ है.

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दाउदनगर में पदस्थापित दो नियमित चिकित्सक,तीन एएनएम एवं अन्य नियमित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ही कार्य किया जा रहा है. पुर्जा काटने एवं अन्य कार्य करने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण मरीजों को परेशानी उत्पन्न हो रही है. प्रसव कक्ष में नियमित एएनएम द्वारा कार्य कर किया जा रहा है. ओटी रूम पूर्व की तरह काम करता रहा.इमरजेंसी सेवाएं बहाल रहीं.

क्या हैं मांगें: एकाउंटेंट सुनील कुमार ने बताया कि वे लोग 6 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इन मांगों में समान काम के लिए समान वेतन देने, सेवा नियमितीकरण करने, आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने, आकस्मिक मृत्यु हो जाने पर 20 लाख रुपया मुआवजा देने एवं आश्रित को नौकरी देने, मानदेय वृद्धि करने, इपीएफ, चिकित्सा भत्ता देने समेत अन्य मांगे शामिल हैं.इन्होंने हड़ताल को पूरी तरह सफल होने का दावा करते हुए कहा कि चुकी 90 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मी संविदा पर बहाल हैं, इसलिए उनकी हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई है.
क्या हैं इनकी मांगें
7वें वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में स्वास्थ्य विभाग के विभागीय आदेश 997 (4) द्वारा राज्यस्तर से नियुक्त संविदा कर्मियों को दिये गये मान के अनुरूप ही राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति बिहार अंतर्गत कार्य कर रहे समस्त पदाधिकारी कर्मी के वेतन का निर्धारण वित्तीय वर्ष 2017-18 में किया जाये. राज स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति अंतर्गत कार्यरत सभी पदाधिकारी कर्मियों के लिए मानव संसाधन नीति बनायी जाये.
संविदा नवीनीकरण के कोप से मुक्त करते हुए कम से कम 65 वर्ष की उम्र तक कार्य करने की सीमा निर्धारित की जाये. संविदाकर्मियों के आकस्मिक मृत्यु के बाद अनुकंपा का लाभ एवं एकमुश्त अनुग्रह राशि का प्रावधान आश्रितों के लिए किया जाये. राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति बिहार अंतर्गत सभी पदाधिकारी कर्मी के इपीएफ की कटौती अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित किया जाये. राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के गवर्निंग बॉडी में संघ के पद धारकों को भी सदस्य के रूप में नामित किया जाये, सहित अन्य मांगें शामिल है.
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