औने-पौने दामों में धान बेचने को विवश हो रहे किसान

Updated at : 28 Nov 2017 6:45 AM (IST)
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औने-पौने दामों में धान बेचने को विवश हो रहे किसान

नुकसान. अब तक धान खरीद शुरू नहीं होने से बढ़ी समस्या मदनपुर : धान की कटनी का दौर शुरू हो चुका है. बढ़ते वैश्वीकरण के दौर में आर्थिक वृद्धि के आसार तो दिख रहे हैं, लेकिन इसका सीधा लाभ किसानों को मिलता नजर नहीं आ रहा है. प्रखंड अंतर्गत समस्त पंचायतों में अब तक धान […]

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नुकसान. अब तक धान खरीद शुरू नहीं होने से बढ़ी समस्या

मदनपुर : धान की कटनी का दौर शुरू हो चुका है. बढ़ते वैश्वीकरण के दौर में आर्थिक वृद्धि के आसार तो दिख रहे हैं, लेकिन इसका सीधा लाभ किसानों को मिलता नजर नहीं आ रहा है. प्रखंड अंतर्गत समस्त पंचायतों में अब तक धान क्रय केंद्र नहीं खुलने से किसान परेशान होकर औने-पौने दाम में धान बेचने को विवश हैं. सूत्रों के मुताबिक, गेहूं, चना, मसूर एवं अन्य फसल लगाने के लिए किसान धान को बिचौलियों के हाथों बेच रहे हैं.
इससे प्रखंड अंतर्गत सभी पंचायतों के हजारों किसान की माली हालत दयनीय हो गयी है. कुछ कृषकों का कहना है कि धान और अन्य फसल किसान जब बिचौलियों के हाथों बेच चुके होते हैं, तब जाकर इस दिशा में सरकारी कार्य प्रारंभ होता हैं. इन्हीं वजहों से तमाम किसानों का खेती के प्रति रुझान कम हो रहा है. उनके द्वारा बीज, खाद एवं मजदूरी काफी बढ़ गया है.
बावजूद इसके उनको फसल का समर्थन मूल्य भी नसीब नहीं होता. प्रखंड के कुछ कृषकों का कहना है कि डीजल अनुदान का आवेदन लेकर भी अधिकारियों के तुगलकी फरमान की वजह से हमलोग डीजल अनुदान की राशि से लाभान्वित नहीं हो सके. अब जब हम गरीब किसानों के कठोर व कठिन परिश्रम से ये फसल तैयार हो चुका है तो, सरकारी क्रय केंद्र कहीं नजर नहीं आ रहे हैं. ऐसे में किसान अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं और हमारे देश के अन्नदाता आज बेहाली का दंश झेलने को विवश हैं.
ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रखंड में जल्द धान क्रय केंद्र या पैक्स नहीं खोला गया तो अब किसान आंदोलन करने को लाचार हो जायेंगे. साफ तौर पर अगर कहा जाये तो सरकार के समस्त दावे और आजादी के सात दशकों के बाद भी देश के किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे है. सरकार द्वारा विगत 15 नवंबर को धान खरीद घोषणा किये जाने के बाद भी पैक्स, व्यापार मंडल द्वारा धान की खरीद प्रारंभ नहीं किये जाने से किसानों में उहापोह की स्थिति बनती जा रही है और उनके सब्र जवाब देता चला जा रहा है. धान की खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों के समक्ष धान को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी समस्या बनती चली जा रही है.
इस बारे में प्राणपुर निवासी किसान जमुना सिंह एवं राम प्रवेश सिंह ने बताया कि पैक्स या व्यापार मंडल द्वारा धान जल्द से जल्द खरीद लिया जाता तो किसानों को रवि की फसल की बुआई करने में आसानी होती. अगर धान खरीद में और अधिक विलंब हुआ तो किसान महाजन से खेती के नाम पर लिया गया कर्ज भी सही तरीके से नहीं चुका पायेंगे और कर्ज में डूबते ही चले जायेंगे. जिला प्रशासन द्वारा धान में अधिक नमी होने का बहाना बनाकर खरीद में बेवजह विलंब किया जा रहा है,
जिससे किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. किसान गोपाल सिंह, लालदेव यादव, बच्चन सिंह, उपेंद्र यादव जिला प्रशासन से जल्द से जल्द धान खरीद प्रारंभ करने और खरीद के पश्चात अविलंब राशि का भुगतान करने की मांग की है, क्योंकि धान की खरीद देर से प्रारंभ होने पर छोटे किसानों को काफी घटा होगा .
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