बार-बार स्कूल बदलना किसी बच्चे के लिए परेशानी, तो किसी के लिए एडवेंचर

औरंगाबाद सदर : कई ऐसे बच्चे हैं, जिन्हें अपने माता-पिता के ट्रांसफरेवल जॉब के कारण बार-बार शहर के साथ स्कूल भी बदलना पड़ता है. ऐसे में बड़ों के साथ बच्चे भी परेशान हो जाते हैं. वैसे कई बच्चों को अलग-अलग स्कूलों में पढ़ना और माता-पिता के जॉब की वजह से शहर बदलना पसंद भी आता […]
औरंगाबाद सदर : कई ऐसे बच्चे हैं, जिन्हें अपने माता-पिता के ट्रांसफरेवल जॉब के कारण बार-बार शहर के साथ स्कूल भी बदलना पड़ता है. ऐसे में बड़ों के साथ बच्चे भी परेशान हो जाते हैं. वैसे कई बच्चों को अलग-अलग स्कूलों में पढ़ना और माता-पिता के जॉब की वजह से शहर बदलना पसंद भी आता है. स्कूल के बदलने से जहां नए माहौल में एडजस्ट करने में छात्र-छात्राओं को दिक्कत होती है, वहीं इससे उन्हें कुछ नयी बातें भी सीखने को मिलती है.
इसके सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही पक्ष हैं. इसी मुद्दे पर शहर के दो बच्चों की राय और अभिभावक की सलाह प्रस्तुत है.
जाने अनुकूल व अनन्या को : अब अनुकूल और अनन्या को ही ले लें, भाई को स्कूल बदलना पसंद नहीं तो बहन को इसमें कोई दिक्कत नहीं दिखती. अनुकूल 13 साल का है और अनन्या 11 साल की. पर दोनों भाई बहन इस मामले में बिल्कुल अलग हैं. अनुकूल का कहना है कि बार-बार स्कूल बदलने से उसका मन चिढ़ जाता है, वहीं अनन्या का कहना है कि मुझे स्कूल बदलने में परेशानी नहीं होती, क्योंकि मुझे नये नये दोस्त बनाना बहुत पसंद है.
अनुकूल इसी बात पर कहते हैं कि स्कूल बदलने पर दूसरे स्कूल के माहौल मैं तुरंत एडजस्ट होना मुश्किल होता है. फिर से नए दोस्त बनाने पड़ते हैं नए किताबें खरीदनी पड़ती हैं फिर उनका अध्ययन करना पड़ता है. हालांकि स्कूलों के बदलने से कुछ नई बातें भी सीखने को मिलती हैं.
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