मुख्य आरोपित अजहर दोषी करार, 29 को सजा

Published at :24 Jun 2017 9:30 AM (IST)
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मुख्य आरोपित अजहर दोषी करार, 29 को सजा

29 को सुनायी जायेगी सजा औरंगाबाद नगर : जिले के चर्चित तेजाब कांड मामले में शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय के एडीजे प्रथम अनिल कुमार झा के कोर्ट में सुनवाई की गयी. इस मामले में मुख्य आरोपित मो अजहर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाने के लिए 29 जून की तिथि निर्धारित की गयी है, जबकि […]

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29 को सुनायी जायेगी सजा
औरंगाबाद नगर : जिले के चर्चित तेजाब कांड मामले में शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय के एडीजे प्रथम अनिल कुमार झा के कोर्ट में सुनवाई की गयी. इस मामले में मुख्य आरोपित मो अजहर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाने के लिए 29 जून की तिथि निर्धारित की गयी है, जबकि अन्य चार आरोपित बीबी खातून, फुआ जैनुल खातून, चाचा मो जमाल व मो कमाल को धारा 341/323/504 में दोषी पाते हुए एक वर्ष की सजा सुनायी. वहीं जेल भेजने के बजाय इन सभी आरोपितों को न्यायाधीश ने बेल बॉन्ड पर न्यायालय से जमानत दे दी. ज्ञात हो कि रफीगंज प्रखंड के तकिया पर राजा बाजार में कैसर कादरी की 14 वर्षीय पुत्री सलमा पर पिछले वर्ष 24 जून 2016 को मोहल्ले के ही एक युवक मो अजहर ने छेड़खानी का विरोध करने पर घर में घुस कर एसिड फेंक दिया था. इस हमले में किशोरी गंभीर रूप से जख्मी हो गयी थी.
घटना के तुरंत बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रफीगंज में पीड़िता का इलाज कराया गया था, लेकिन उसकी स्थिति को नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने मगध मेडिकल कॉलेज गया रेफर कर दिया था. यहां भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और इस मामले को लेकर जिला प्रशासन, शहर के कई सामाजिक संगठन व रफीगंज विधायक की पत्नी निशा सिंह ने अपनी रुचि दिखायी और सबों के संयुक्त प्रयास से पीड़िता को नई दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में भरती कराया गया. हालांकि, तीन ऑपरेशन के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका और 15 सितंबर 2016 को उसकी मौत हो गयी थी.
घटना के तुरंत बाद ही महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जिसमें मो अजहर सहित उसकी मां बीबी खातून, फुआ जैनुन खातून, चचेरे चाचा मो जमाल व मो कमाल को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. फिलहाल मो अजहर को छोड़ कर सभी अभियुक्त पटना उच्च न्यायालय से जमानत पर थे. इसी बीच पुलिस ने इस चर्चित तेजाब कांड को न्यायालय में स्पीडी ट्रायल में भेजा. एक वर्ष तक चली सुनवाई के बाद नौ लोगों की गवाही न्यायालय में हुई. इसके बाद न्यायाधीश ने फैसले की तिथि 23 जून निर्धारित की थी. सलमा के माता-पिता भाई सहित अन्य परिजन सुबह से ही फैसले की इंतजार में कोर्ट में मौजूद थे.
11:30 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच मो अजहर को न्यायालय में पेश किया गया. यहां बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप कुमार सिंह, योगेश मिश्रा व सलमा खातून की ओर से एपीपी शिवलाल मेहता, अधिवक्ता मो मेराज ने बहस की. फैसले को लेकर कोर्ट परिसर में काफी गहमागहमी देखने को मिली. जानकारों की मानें, तो अजहर को उस पर सिद्ध हुए आरोप के आधार पर फांसी या आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है.
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