जिले में फिर मिले 10 अयोग्य शिक्षक, जा सकती है नौकरी

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 May 2024 9:55 PM

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विभाग ने तीन दिन के अंदर मांगा स्ष्टीकरण

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औरंगाबाद शहर. बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा जिस गति से दो चरणों की शिक्षकों की बहाली हुई, उसी रफ्तार से जांच के साथ अयोग्य शिक्षक भी पकड़े जा रहे हैं. पहले विषय विसंगति में दर्जनों ऐसे फर्जी व अयोग्य शिक्षक पकड़े गये थे, जिन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है. हालांकि, कार्रवाई के डर से कुछ ऐसे शिक्षक फरार हैं, तो कुछ जांच में लगातार अयोग्य साबित हो रहे हैं. जिले में एक बार फिर 10 अयोग्य शिक्षक पकड़े गये हैं, जिनकी नौकरी खतरे में पड़ती दिख रही है. सोमवार को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना दयाशंकर सिंह ने एक पत्र जारी कर इन सभी अयोग्य शिक्षकों से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है. ये सभी शिक्षक दूसरे राज्य के रहने वाले हैं जो टीआरइ 2.0 की बहाली में गलत तरीके से शिक्षक बन गये थे. बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा नियुक्त शिक्षकों के शैक्षणिक व प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों की लगातार जांच की जा रही है. ऐसे में अब तक दर्जनों शिक्षक नियुक्ति के बाद हटाये गये हैं. इसके साथ ही कई शिक्षकों की नौकरी विभागीय कार्रवाई की बलिवेदी पर चढ़ने वाला है. जानकारी के अनुसार, जिन शिक्षको की नियुक्ति समाप्त की गयी है, उनमें अधिकतर शिक्षक दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं. संबंधित विषय में आवश्यक शैक्षणिक प्रमाण पत्र नहीं रहने पर बिहार के निवासी शिक्षक भी कार्रवाई के घेरे में आये हैं. विभाग द्वारा एक ओर तेजी से नियुक्ति की जा रही है, तो वहीं दूसरी ओर लगातार कार्रवाई हो रही है. विभागीय कार्रवाई से अयोग्य शिक्षक अभ्यर्थियों में हड़कंप है. जिला शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा शिक्षक नियुक्ति टीआरई 1.0 में जिले के 14 शिक्षकों पर नियोजन रद्द करने की कार्रवाई की गयी है. इसके साथ ही टीआरइ 2.0 में नियुक्ति के बाद अब तक चार शिक्षकों की नौकरी चली गयी है. इसके साथ ही टीआरइ 2.0 में नियुक्त दूसरे राज्य के रहने वाले 10 शिक्षको से स्पष्टीकरण मांगा गया है. इन शिक्षकों पर हो सकती है कार्रवाई बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा टीआरइ 2.0 में नियुक्त जिले के विभिन्न स्कूलों में 10 ऐसे शिक्षक है, जो दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं और उन्हें सीटीइटी में 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त हुआ है. इन शिक्षकों में हिंदी विषय के लिए नियुक्त सरिता देवी, संस्कृत विषय से सुमन पटेल, अंग्रेजी से रिचा व शिवकुमार यादव, सामाजिक विज्ञान से अराधना कुमारी, मुकेश कुमार गौतम व रीना यादव, गणित विज्ञान से कविता शर्मा, अंजना कुमारी गौतम का नाम शामिल हैं. इन शिक्षकों को सीटेट में 90 से कम प्राप्त हुए हैं और बिहार राज्य के निवासी नहीं है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना दयाशंकर सिंह ने पत्र जारी कर इन सभी शिक्षकों से तीन दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है. उन्होंने बताया है कि उच्च न्यायालय पटना द्वारा जारी निर्देश के उपरांत माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में पांच प्रतिशत की छूट बिहार राज्य के निवासी अभ्यर्थियों को ही दिया जायेगा. बिहार से बाहर के रहने वाले व्यक्तियों को पात्रता परीक्षा में पांच प्रतिशत की छूट नहीं दिया जायेगा. 60 प्रतिशत से कम होने के कारण उक्त शिक्षक की औपबंधिक नियुक्त रद्द कर दी जायेगी. वैसे इन अयोग्य शिक्षकों पर यह कार्रवाई तय मानी जा रही है.

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