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महिलाओं को नहीं करें प्रताड़ित

Updated at : 16 Jul 2013 1:49 PM (IST)
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महिलाओं को नहीं करें प्रताड़ित

अरवल (नगर) : जहां नारी की पूजा होती है, वहां भगवान का स्थान होता है. उक्त बातें गोदानी सिंह कॉलेज में आयोजित महिला उत्पीड़न पर विधिक जागरूकता शिविर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं. वर्ष 2005 में घरेलू हिंसा का कानून बना, जो महिलाओं को हर तरह की न्याय दिलाने […]

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अरवल (नगर) : जहां नारी की पूजा होती है, वहां भगवान का स्थान होता है. उक्त बातें गोदानी सिंह कॉलेज में आयोजित महिला उत्पीड़न पर विधिक जागरूकता शिविर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं. वर्ष 2005 में घरेलू हिंसा का कानून बना, जो महिलाओं को हर तरह की न्याय दिलाने में सक्षम है. महिलाओं को पुरुषों द्वारा मानसिक, आर्थिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया जाता है. अभी भी महिला आर्थिक रूप से स्वावलंबी नहीं हुई है.

18 वर्ष से कम उम्र में शादी करना गैर कानूनी है. दुल्हन ही दहेज है. दहेज न लेने की बात कही. उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को घर में प्रताड़ित किया जा रहा है,वह छह माह तक अल्पावासगृह में रह सकती है. प्रभारी डीएम राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि जिन महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, वे लोग जिला विधिक कार्यालय में आकर आवेदन दें.

कार्यक्रम को गोदानी सिंह कॉलेज के प्राचार्य बिंदेश्वरी सिंह, जिला कल्याण पदाधिकारी श्री ए कर्ण, संतोष, मिथिलेश कुमार, अधिवक्ता विनोद कुमार ने संबोधित किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संतोष श्रीवास्तव ने की.

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