जहां कभी गरजती थीं बंदूकें, अब वहां जग रही है शिक्षा की जोत
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 May 2019 7:05 AM
कुर्था : आजादी के बाद लंबे अरसों तक विकास की किरण से काफी अछूता रहे अरवल जिले के गोखुलपुर गांवों में न कोई संपर्क पथ न शिक्षा के लिए विद्यालय और न ही स्वास्थ्य के लिए कोई सरकारी चिकित्सा केंद्र की व्यवस्था थी. शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था से अनभिज्ञ रह रहे लोगों का खाना एवं […]
कुर्था : आजादी के बाद लंबे अरसों तक विकास की किरण से काफी अछूता रहे अरवल जिले के गोखुलपुर गांवों में न कोई संपर्क पथ न शिक्षा के लिए विद्यालय और न ही स्वास्थ्य के लिए कोई सरकारी चिकित्सा केंद्र की व्यवस्था थी. शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था से अनभिज्ञ रह रहे लोगों का खाना एवं कमाना व बदहाली में किसी तरह जिंदगी बिताना लोगों को जीने का मकसद बन कर रह गया था, जिस कारण नब्बे के दशक में माओवादियों का केंद्र बिंदु बन गया था.
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