बिहटा के देवकुली गांव में रविवार को दशकर्म का था भोज

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Jul 2017 6:03 AM

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बिहटा : बिहटा प्रखंड के देवकुली गांव में विषाक्त भोजन से सैकड़ों लोग डायरिया के चपेट में आ गये. सभी को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल में भरती किया गया. फिलहाल सभी मरीजों की हालत ठीक है. रोग की चपेट में दो साल के बच्चे से लेकर साठ साल के बुजुर्ग तक शामिल हैं. जानकारी […]

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बिहटा : बिहटा प्रखंड के देवकुली गांव में विषाक्त भोजन से सैकड़ों लोग डायरिया के चपेट में आ गये. सभी को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल में भरती किया गया. फिलहाल सभी मरीजों की हालत ठीक है. रोग की चपेट में दो साल के बच्चे से लेकर साठ साल के बुजुर्ग तक शामिल हैं. जानकारी के अनुसार बिहटा प्रखंड अंतर्गत देवकुली गांव में रविवार को स्थानीय निवासी शिवचंद कुमार के माता का दशकर्म का भोज था. संध्या में ब्रह्मभोज का आयोजन कराया गया.

भोज के कुछ समय बाद ही देर रात्रि में लोगों को उल्टी, दस्त होना शुरू हो गया. कुछ समय तक लोगों ने घरेलू उपचार से रोग पर काबू करने की कोशिश की. बीमारी बिगड़ता देख जब पड़ोसी को सूचना दी तो मालूम हुआ कि हर घर में यही शिकायत है. बीमारी बढ़ने की सूचना के बाद ग्रामीणों में कोहराम मच गया. तत्काल रेफरल अस्पताल के अधिकारी डॉ कृष्ण कुमार को सूचित किया गया. आनन-फानन में प्रभारी मेडिकल टीम के साथ देवकुली पंहुचे और प्राथमिक उपचार करते हुए गंभीर पीड़ितों को चार पहिया वाहन एवं एंबुलेंस के माध्यम से रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया. मामले को गंभीरता से लेते हुए देवकुली गांव में चिकित्सकों की टीम मरीजों के घर में भी जाकर उपचार कर रही थी.

सूचना पर सिविल सर्जन और एसडीओ पहुंचे अस्पताल :एक साथ इतने लोगों की हालत बिगड़ने की सूचना पर सिविल सर्जन पटना एवं दानापुर एसडीओ संजीव कुमार रेफरल अस्पताल पहुंचे तथा सभी बीमार लोगों का हाल जाना. रेफरल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ कृष्ण कुमार के प्रयास की सराहना करते हुए सिविल सर्जन ने कहा की फूड पॉयजनिंग का मामला था जिसे हमारी टीम ने सार्थक प्रयास कर लोगों को परेशान होने से बचा लिया. एसडीओ संजीव कुमार ने कहा की इस पूरे घटनाक्रम पर हमारी नजर थी. किसी को परेशानी नहीं होने दी जायेगी.
भोजन जांच के दिये निर्देश, खतरे से बाहर हैं सभी पीड़ित :भोजन से सैकड़ों लोगों के बीमारी की खबर मिलते ही दानापुर एसडीओ अस्पताल में पहुंचे और सभी पीड़ितों का हाल जाना. उन्होंने श्राद्ध में बने भोजन की जांच करने और पीड़ितों का बेहतर इलाज करने के निर्देश दिये. सिविल सर्जन डॉ वीरेंद्र शेखर सिंह ने बताया कि सभी पीड़ित खतरे से बाहर हैं. समय रहते फूड पॉयजनिंग पर कंट्रोल कर लिया गया.
ये हैं बीमारों के नाम :रामेश्वरी देवी(32), कंचन देवी (30), कौशल्या देवी (25), राजमति देवी(45), आशा देवी(28), फूलवंती देवी(40), विभांशु शेखर(24), रिंकी देवी (23), सुहानी(3), सन्नी(5), सुष्मिता(5), शुभम कुमार(17), आयुषी कुमारी (9), अमित कुमार (12), हीरामणि देवी(40), धर्मशीला देवी (50), सरस्वती देवी(25), स्वीटी कुमारी (4), मानसी कुमारी(6), माधुरी कुमारी(3), अनुष्का कुमारी(2), धनपतिया देवी(50), धनराजो देवी(60), रानी कुमारी (27), आदित्य कुमार(5), तान्या कुमारी(13), माया कुमारी(7), खुशी कुमारी(16), आदत्यि राज (14), मोना कुमारी(23), शिवचंद कुमार(37), गुड्डू कुमार(17), नेहा कुमारी(17), कामेश्वर प्रसाद(48), गुड्डू कुमार(30), रेसम कुमारी (16), राशि कुमारी (4), रत्ना कुमारी (16), प्रिंस कुमार(12), दुलारी देवी(32), अमित कुमारी (14), आशीष राज(17), संगीता देवी(21), पूनम देवी (20), फन्नी भूषण (11), अमित कुमार (20) अभिषेक कुमार(17), अभिषेक कुमारी(18), अमर राज(13), कलौती देवी(60), शिवलखन राम(45) आदि शामिल हैं.
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