आरा–सासाराम रेलखंड दोहरीकरण भोजपुर–रोहतास के लिए बनेगा विकास कॉरिडोर

जमीन अधिग्रहण और सर्वेक्षण का कार्य शुरू होने के साथ ही लोगों में उत्साह
आरा.
भोजपुर और रोहतास के लोगों के लिए आरा–सासाराम रेलखंड का दोहरीकरण सिर्फ एक रेलवे परियोजना नहीं, बल्कि पूरे इलाके की आर्थिक दिशा बदलने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है. वर्षों से लंबित यह परियोजना अब गति पकड़ चुकी है.जमीन अधिग्रहण और सर्वेक्षण का कार्य शुरू होने के साथ ही स्थानीय कारोबारियों, किसानों और छोटे बाजारों में नई उम्मीदें जग गयी हैं. अब तक यह रेलखंड सीमित ट्रेनों और लगातार लेट-लतीफी की समस्या से जूझता रहा है. एक ही लाइन पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही के कारण ट्रैफिक दबाव बढ़ जाता था, जिसका सीधा असर यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय व्यापार पर भी पड़ता था. व्यापारियों के अनुसार माल की समय पर सप्लाई न होने से लागत बढ़ जाती थी और बाजार में प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ती थी.रेलखंड के दोहरीकरण के बाद स्थिति में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है. अलग-अलग लाइनों पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का संचालन संभव होगा, जिससे न सिर्फ यात्रा समय घटेगा, बल्कि माल परिवहन तेज और विश्वसनीय होगा. इससे उद्योग, कृषि और स्थानीय व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी, साथ ही क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.
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