आरा में समेकित वाटर शेड योजना फेल: 18,805 एकड़ से अधिक जमीन बंजर, किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा योजना का लाभ

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समेकित वाटर शेड प्रबंधन कार्यक्रम जिले में फेलकिसानों को योजना का नहीं मिला लाभ

समेकित वाटर शेड प्रबंधन कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारना और कृषि उत्पादन बढ़ाना है, आरा जिले में पूरी तरह विफल साबित हो रही है. योजना का लाभ किसानों तक न पहुंचने से बंजर भूमि का उचित उपयोग नहीं हो पा रहा है.

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Arrah Watershed Scheme Failure : आरा जिले में किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से चलाई जा रही समेकित वाटर शेड प्रबंधन कार्यक्रम पूरी तरह विफल साबित हो रही है. योजना का लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे बंजर भूमि का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा और कृषि क्षेत्र में अपेक्षित विकास भी नहीं दिख रहा है.

सरकार द्वारा वर्षा आधारित खेती वाले क्षेत्रों और भू-क्षरण से प्रभावित इलाकों के विकास के लिए इस योजना को लागू किया गया था. इसका उद्देश्य जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और कृषि उत्पादन में वृद्धि करना है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी स्थिति संतोषजनक नहीं है.

Arrah News : कागजों में सिमटी योजना

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित यह योजना वित्तीय वर्ष 2009-10 से लागू है. इसके तहत सूखा क्षेत्र विकास कार्यक्रम और एकीकृत बंजर भूमि विकास कार्यक्रम को शामिल किया गया है. योजना का मकसद जल संकट से निपटना और किसानों की आय बढ़ाना है, लेकिन जिले में यह योजना कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है.

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कई स्थानों पर कार्य शुरू ही नहीं हुआ, तो कहीं अधूरा छोड़ दिया गया. इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, जो आज भी वर्षा पर निर्भर खेती करने को मजबूर हैं.

Farmer Scheme Issue : क्या है योजना का उद्देश्य

इस योजना के तहत मृदा संरक्षण, जलस्रोतों का विकास, भू-क्षरण पर रोक, वर्षा जल का संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और कृषि उत्पादन बढ़ाने जैसे लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं. साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए सतत आजीविका के साधनों को बढ़ावा देना भी इसका उद्देश्य है.

प्रखंडवार बंजर भूमि का आंकड़ा

संदेश: 622.32 एकड़ आरा: 3433.16 एकड़ चरपोखरी: 0 गड़हनी: 1655.10 एकड़ पीरो: 0 बिहिया: 5279.50 एकड़ कोइलवर: 380.95 एकड़ उदवंतनगर: 1624.12 एकड़ तरारी: 0 शाहपुर: 224.54 एकड़ अगिआंव: 789.70 एकड़ जगदीशपुर: 2007.77 एकड़ सहार: 95.06 एकड़ बड़हरा: 1693.00 एकड़

जिले में बड़ी मात्रा में बंजर भूमि

जिले में कुल 18,805.23 एकड़ भूमि बंजर पड़ी है. यदि वाटर शेड योजना को सही तरीके से लागू किया जाए, तो इस भूमि को उपजाऊ बनाकर कृषि उत्पादन में भारी वृद्धि की जा सकती है.

समेकित वाटर शेड प्रबंधन कार्यक्रम यदि प्रभावी ढंग से लागू हो, तो जिले के किसानों की स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है. लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए यह स्पष्ट है कि योजना का सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा है. जरूरत है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाए, ताकि किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके और कृषि क्षेत्र में विकास सुनिश्चित हो सके.

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