आरा: 6 करोड़ से बने नए भवन की दीवारों में एक महीने में दरारें, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

भवन की दीवारों में एक महीने में दरारें
आरा में जिला परिषद द्वारा बनाया गया 6 करोड़ रुपये का नया भवन उद्घाटन के महज एक महीने बाद ही सवालों के घेरे में है. दीवारों में दरारें दिखने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं. अधिकारी इसे पुट्टी की समस्या बता रहे हैं, पर जांच की मांग तेज है.
Arah District Building Crack : आरा में जिला शिक्षा पदाधिकारी परिसर के अंदर जिला परिषद द्वारा बनाए गए नए भवन की हालत उद्घाटन के महज एक महीने बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है. करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस भवन की दीवारों में कई जगह दरारें दिखने लगी हैं. हालात यह है कि लगभग एक दर्जन स्थानों पर दीवारों में क्रैक नजर आ रहा है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर लोगों ने गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.
स्थानीय लोगों और कर्मियों का कहना है कि इतने कम समय में इस तरह की स्थिति सामने आना साफ तौर पर लापरवाही और घटिया निर्माण की ओर इशारा करता है. उनका मानना है कि अगर अभी से दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं, तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है.
Arrah News : 6 करोड़ की लागत से बना है भवन
जानकारी के अनुसार इस भवन का निर्माण जिला परिषद की ओर से पंचायती राज विभाग के उपयोग के लिए कराया गया है. इस पर करीब 6 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और इसे तैयार होने में एक साल से अधिक का समय लगा है. निर्माण पूरा होने के बाद करीब एक महीने पहले ही इसे पंचायती राज विभाग को सौंपा गया था, ताकि विभाग अपने कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित कर सके.
इस भवन के निर्माण का मुख्य उद्देश्य त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने की सुविधा उपलब्ध कराना था. पहले जगह की कमी के कारण विभाग को प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. कई बार अलग-अलग शिफ्ट में प्रशिक्षण देना पड़ता था, जिससे समय और संसाधन दोनों पर दबाव बढ़ता था.
Construction Negligence : प्रशिक्षण केंद्र के रूप में होना था उपयोग
इस नए भवन में मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंच जैसे जनप्रतिनिधियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई थी. उम्मीद थी कि भवन बनने के बाद प्रशिक्षण कार्य अधिक सुगमता से हो सकेगा और विभाग को बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी.
लेकिन अब भवन की दीवारों में दरारें सामने आने के बाद इसकी गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण उपयोग के लिए बनाए गए भवन में इस तरह की खामियां गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए.
अधिकारियों ने दी सफाई
मामले को लेकर प्रभारी उप विकास आयुक्त ने कहा कि दीवारों में जो क्रैक दिख रहा है, वह असल में पुट्टी में आया है, न कि संरचना में. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसे जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो.
फिलहाल यह मामला निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है. करोड़ों की लागत से बने भवन में इतनी जल्दी खामियां सामने आना चिंता का विषय है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की जांच कराता है या सिर्फ मरम्मत तक ही मामला सीमित रह जाता है. लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच हो, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो सके.
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