भोजपुर : बिहिया बियाडा औद्योगिक क्षेत्र में कंपनी सील करने पहुंची टीम, विरोध के बाद एक सप्ताह के लिए टली कार्रवाई

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बिहिया में बियाडा की सीलिंग कार्रवाई पर हंगामा, एक सप्ताह की मोहलत के बाद टला मामला- 40 प्रतिशत राशि जमा का कंपनी का दावा, 24 माह से पहले ही लीज रद्द करने का आरोप- हाईकोर्ट में लंबित है मामला, नोटिस चिपका कर लौटी टीम

औद्योगिक क्षेत्र बिहिया में बियाडा की टीम ने एक निजी कंपनी को सील करने की कोशिश की, जिससे अफरा-तफरी मच गई. लीज रद्द होने के बाद हुई इस कार्रवाई और कंपनी प्रबंधन के बीच घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा चला. अंततः, वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता के बाद कार्रवाई को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है.

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औद्योगिक क्षेत्र बिहिया में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बियाडा की टीम दंडाधिकारी और भारी पुलिस बल के साथ एक निजी कंपनी को सील करने पहुंच गई. लीज रद्द होने के बाद कब्जा लेने पहुंची टीम और कंपनी प्रबंधन के बीच घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा.

अंततः वरीय अधिकारियों से वार्ता के बाद कार्रवाई को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया. मामला बियाडा से जमीन लीज पर लेने वाली कंपनी अगोरा इम्पीरियम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है.

बियाडा अधिकारियों के अनुसार कंपनी ने तय समय-सीमा में न तो फैक्ट्री का निर्माण शुरू किया और न ही उत्पादन, जिसके कारण नियमानुसार लीज रद्द कर दी गई थी. इसी आदेश के अनुपालन में शनिवार को दखल-सील की कार्रवाई की जा रही थी.

कंपनी प्रबंधन के गंभीर आरोप और बियाडा की दलील

वहीं कंपनी प्रबंधन ने बियाडा पर गंभीर आरोप लगाए. संचालक का कहना था कि लीज एग्रीमेंट के तहत कुल राशि का 60 प्रतिशत जमा करना था, जिसमें से 40 प्रतिशत पहले ही जमा किया जा चुका है. जमीन आवंटन के लगभग दो महीने बाद हैंडओवर किया गया और आज तक लीज डीड के मूल कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके कारण बैंक लोन स्वीकृत नहीं हो सका.

कंपनी पक्ष का यह भी तर्क था कि नियमानुसार 24 महीने के भीतर प्रोजेक्ट शुरू करना था, लेकिन महज 18 महीने में ही लीज निरस्त कर दी गई.

सीलिंग से पूर्व कोई अंतिम नोटिस भी नहीं दिया गया, जबकि इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय में वाद भी विचाराधीन है. दोनों पक्षों की दलील दंडाधिकारी के रूप में मौजूद अंचलाधिकारी बिहिया नीलेश कुमार ने सुनी.

एक सप्ताह का समय और नोटिस चस्पा करने की प्रक्रिया

इस संबंध में सीओ नीलेश कुमार ने बताया कि विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को सुना गया. फिलहाल कंपनी परिसर में नोटिस और इश्तेहार चिपकाने की प्रक्रिया की जा रही है. कंपनी को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है, इसके बाद नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी.

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Shailendra Kumar Gupt

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