नई SIT के रडार पर चंपत राय! अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में 200 लोगों को नोटिस

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चंपत राय

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Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच अब निर्णायक दौर में है. नई विशेष जांच टीम (SIT) ने चंपत राय समेत करीब 200 लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं. जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है.

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Ayodhya Ram Mandir: मंदिर के चढ़ावा प्रकरण की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती नजर आ रही है. नई विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच को तेज करते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत करीब 200 लोगों को नोटिस जारी किए हैं. सभी संबंधित लोगों से निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष रखने और जांच में सहयोग करने को कहा गया है.

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किन लोगों को भेजे गए नोटिस?

SIT ने ट्रस्ट पदाधिकारियों, मंदिर प्रशासन से जुड़े कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों, चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए हैं. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि चढ़ावे के संग्रह, सुरक्षा, गिनती और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हुई.

दस्तावेजों से लेकर CCTV फुटेज तक की जांच

जांच टीम मंदिर परिसर से जुड़े दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर रही है. जिन लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, उनसे अलग-अलग बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है ताकि पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी स्पष्ट हो सके.

नई SIT बनने के बाद जांच में आई तेजी

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नई SIT गठित किए जाने के बाद जांच की रफ्तार पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है. टीम लगातार बयान दर्ज कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की परतें खोलने में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है.

राजनीतिक हलकों में भी बढ़ी हलचल

राम मंदिर से जुड़े इस संवेदनशील मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है. विपक्ष मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी.

आगे क्या होगा?

अब सभी की नजर SIT की अगली कार्रवाई पर टिकी है. जांच एजेंसी सभी पक्षों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और तकनीकी रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है.

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