आरा के एमआर संगठन ने निकाली बाइक रैली, सरकार की नीतियों के खिलाफ की नारेबाजी

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Bihar News:भोजपुर जिले में काम करने वाले सभी एमआर ने बाइक रैली निकाली और शहीद भवन पर एक सभा का संचालन किया. 11 सूत्री मांग के लिए डीएम ऑफिस पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.

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Bihar News: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल के तहत बुधवार को मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बीएसएसआरयू आरा व एफएमआरएआई के बैनर तले जिले के सभी एमआर हड़ताल पर रहे. भोजपुर जिले में काम करने वाले सभी एमआर ने बाइक रैली निकाली और शहीद भवन पर एक सभा का संचालन किया. इसके बाद डीएम ऑफिस पहुंचकर ज्ञापन सौंपा. इस दौरान श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध किया गया और अन्य मांगों को प्रमुखता के साथ उठाया गया. कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की. इस दौरान अध्यक्ष पंकज कुमार, सचिव नामित कुमार, कोषाध्यक्ष रामनिवास यादव, अभय कुमार, सुनील, आशुतोष, नीरज, अनिल समेत बड़ी संख्या में एमआर मौजूद रहे.

केंद्र सरकार से इनकी मांगे

  1. चारों श्रम संहिताओं को रद्द करें और SPE एक्ट, 1976 को बहाल रखें.
  2. दवा प्रतिनिधियों (SPES) के लिए वैधानिक कार्य नियमावली बनाएं.
  3. सरकारी अस्पतालों एवम संस्थानों में दवा प्रतिनिधियों (SPES) के प्रवेश पर प्रतिबंध हटाओ और काम का अधिकार सुनिश्चित करों.
  4. आवश्यक वस्तुओं सहित सभी दवाओं की कीमतें कम करें. दवाइयों से GST हटाएं.
  5. दवा उद्योग में आत्मनिर्भरता के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की दवा कंपनियों को पुनर्जीवित करें.
  6. नकली दवा निर्माताओं के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करें.
  7. सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं दवा प्रतिनिधियों (SPES) के लिए न्यूनतम पेशन 9000 रुपये घोषित करे. इत्यादि इनकी मांगे है.

राज्य सरकार से मांगें

  1. दवा प्रतिनिधियों (SPEs) के लिए न्यूनतम वेतन 26910 रुपये घोषित करें.
  2. दवा प्रतिनिधियों (SPEs) के लिए आठ घंटे का कार्य की अधिसूचना जारी कर लागू करें.
  • औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 2 (S) में संशोधन करते हुए दवा एवं बिक्री संवर्धन कर्मचारियो (SPEs) को “कर्मकार” की श्रेणी में परिभाषित कर शामिल करें. इत्यादि इनकी मांगे है.

नियोक्ताओं से मांगें

  1. सेल्स के नाम पर दवा प्रतिनिधियों (SPES) पर दमन और उत्पीड़न बंद करें.
  2. इलेक्ट्रानिक गैजेट्स (Gadgets) के माध्यम से दवा प्रतिनिधियों (SPES) की गैरकानूनी एवं अनैतिक निगरानी बन्द करें और उनके निजता के अधिकार का उल्लंघन बंद करें. इत्यादि इनकी मांगे है.

रंजन कुमार की रिपोर्ट

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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