Bihar News: आरा के 45 हजार भू-स्वामियों को कृषि विभाग ने हिंद महासागर में बसाया, लोकेशन देखकर किसानों की उड़ गई नींद

Updated at : 27 Jan 2025 6:32 PM (IST)
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सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: आरा के 45 हजार भूस्वामियों को कृषि विभाग ने हिंद महासागर में बसाया है. ऑनलाइन लोकेशन देखकर 14 प्रखंड के किसानों की नींद उड़ गई है.

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Bihar News: बिहार के भोजपुर जिले की कुछ जमीन हिंद महासागर में चली गयी है! यह सुनने में आपको अजीब जरूर लगेगा, लेकिन यह सत्य है. आरा के 14 प्रखंड के 45 हजार प्लॉट हिंद महासागर में दिख रहे हैं. इससे आरा के सबसे बड़ी संख्या में किसान परेशान है. इस बात का खुलासा तब हुआ जब, भोजपुर जिले के खेतों में लगे फसल का ऑन द स्पॉट डिजिटल क्रॉप सर्वे हो रहा है. डिजिटल क्रॉप सर्वे में कृषि विभाग का डीसीएस एप कुछ ऐसा ही दिखा रहा है. हालांकि इसे डीसीएस एप की गड़बड़ी बताया जा रहा है.

आरा के पीरो और जगदीशपुर प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित

डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) में तकनीकी गड़बड़ी की वजह से भोजपुर जिले के कुछ भूखंड दूर-दराज के इलाकों में दिखा रहा है. यहां तक ​​कि विदेश में भी कुछ लोगों की जमीन बता रहा हैं. वह भी थोड़ी बहुत दूर नहीं, पूरे 1200 किलोमीटर दूर का लोकेशन निकल रहा है. जिसमें 14 प्रखंड के 45 हजार प्लॉट का लोकेशन दिखाई दे रहा है. आरा के पीरो और जगदीशपुर प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित हैं. जिला कृषि पदाधिकारी (SDO) शत्रुघ्न साहू ने एक मीडिया से बताया कि किसानों के कुछ भूखंडों के आंकड़ों में गड़बड़ी की बात विभाग के संज्ञान में लायी गयी है. इसे जल्द ही ठीक कर लिया जायेगा. इससे संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गयी है.

20 दिसंबर से चल रहा डिजिटल क्रॉप सर्वे

जानकारी के अनुसार डिजिटल क्रॉप सर्वे 20 दिसंबर से चल रहा है. इसका उद्देश्य किसानों की जमीन के बारे में वैज्ञानिक डेटा इकट्ठा करना है. ताकि जरूरतमंद किसानों को सरकारी योजनाओं का सही लाभ दिया जा सकेगा. कृषि विभाग को 31 जनवरी तक 10 लाख प्लॉट का डिजिटल सर्वे पूरा करने का लक्ष्य दिया है. एक प्लॉट के सर्वे के लिए पांच रुपये का बोनस दिया जा रहा है. 24 जनवरी तक 95 हजार प्लॉट का डिजिटल सर्वे हो चुका है. इनमें से 45 हजार प्लॉट में अक्षांश और देशांतर की गड़बड़ी पाई गई है. ये वो प्लॉट हैं जिन्हें राजस्व विभाग ने सर्वे के बाद ऑनलाइन किया है.

अधिकारी बता रहे सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी

कृषि विभाग के कर्मी पीरो प्रखंड में प्लॉट का सर्वे करने पहुंचे थे. एक प्लॉट का सत्यापन करने के लिए लोकेशन चेक किया गया, तो एप में उस प्लॉट का लोकेशन पड़ोसी देश श्रीलंका के नजदीक हिंद महासागर में दिखा रहा था. इसी प्रकार जगदीशपुर प्रखंड की बिचला जंगल महाल पंचायत तेंदुनी के भी एक प्लॉट का लोकेशन हिंद महासागर में दिखा रहा था. कुछ अन्य खेतों के प्लॉट के सत्यापन में भी ऐसे मामले आए. अधिकारी इस त्रुटि के लिए सॉफ्टवेयर या डेटा इनपुट की गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

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जानें क्या कहा जिला कृषि पदाधिकारी

भोजपुर जिला कृषि पदाधिकारी शत्रुघ्न साहू ने बताया कि सभी प्रखंडों में डिजिटल सर्वे किया जा रहा है. इस काम के लिए प्रखंड अंतर्गत कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक समेत आदि कर्मियों को लगाया गया है. यह गड़बड़ी सॉफ्टवेयर के कारण हुई है. इसमें कोई तकनीकी समस्या नहीं है. इसे सुधारने के लिए हमारे इंजीनियर और डिपार्टमेंट की टीम उसी पर काम कर रही है. जैसे ही यह गड़बड़ी ठीक होगी, उसके बाद सर्वे को आगे जारी रखा जाएगा. इसमें ज्यादा कोई परेशान होने वाली बात नहीं है. अगर किसान अपने एप को फिर से रिफ्रेश करेंगे तो उन्हें सब कुछ ठीक मिलेगा.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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