आरा : वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी में 13 अगस्त को छात्र-युवा संसद, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर होगी चर्चा
कॉलेज कैंपस में आयोजित होने वाले संसद की जानकारी देते आइसा नेता | Prabhat Khabar Network
बिहार के शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर 13 अगस्त, 2026 को आरा के वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी में छात्र-युवा संसद का आयोजन किया जाएगा. यह कार्यक्रम परीक्षा व्यवस्था में धांधली, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ जैसे गंभीर सवालों पर संघर्ष को तेज करने का मंच बनेगा.
बिहार के शिक्षा और रोजगार के सवाल पर आगामी 13 अगस्त, 2026 को वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी परिसर (कतिरा) आरा में होने वाले छात्र-युवा संसद कार्यक्रम की तैयारी को लेकर आइसा-इंनौस ने विभिन्न कॉलेजों, छात्रावासों एवं प्रतियोगी छात्रों के बीच होने वाले क्विज और मोहल्लों में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है.
कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख नेता
छात्र-युवा संसद में इंनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा, इंनौस के राज्य सचिव व अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन, जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष व आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय कुमार सहित कई नेता शामिल होंगे.
प्रेस रिलीज के माध्यम से आंदोलन की रूपरेखा
आइसा जिला सचिव जयशंकर प्रसाद एवं इंनौस जिला सचिव निरंजन केसरी ने संयुक्त रूप से प्रेस रिलीज जारी कर पत्रकारों को बताया कि बिहार के शिक्षा और रोजगार के सवाल पर छात्र संगठन आइसा और युवा संगठन आरवाइए का छात्र-युवा संसद अभियान चल रहा है, जिसमें सूबे के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय समेत शिक्षा और रोजगार की बेहतरी के लिए चल रहे आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा.
शिक्षा, परीक्षा और रोजगार के सवालों पर संघर्ष की हुंकार
छात्र-युवा नेताओं ने कहा कि बेरोजगार छात्र-युवाओं को 'कॉकरोच' कहे जाने के अपमान के खिलाफ उठी आवाज से शुरू हुआ छात्र-युवा आंदोलन देशभर में परीक्षा व्यवस्था की धांधली, पेपर लीक, एनटीए की मनमानी और छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ व्यापक संघर्ष में बदल गया.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में छात्र-युवाओं ने आंदोलन तेज किया.
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बिहार के छात्र-युवा भी इस संघर्ष में मजबूती से शामिल हुए. आगे छात्र-युवा नेताओं ने कहा कि पेपर लीक और भ्रष्ट परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई को, शिक्षा के निजीकरण, बाजारीकरण, फीस वृद्धि, सरकारी विद्यालयों की बदहाली, 7.5 CGPA के बैरियर, महाविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करने और सम्मानजनक रोजगार के सवाल से जोड़ते हुए संघर्ष को तेज किया जाएगा.
छात्र-युवा नेताओं ने शिक्षा, परीक्षा और रोजगार के सवाल पर अपनी आवाज बुलंद करने और शिक्षा बचाने, भविष्य बचाने की लड़ाई को और तेज करने के लिए छात्र-युवा संसद में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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