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नैक की बदली हुई मान्यता प्रणाली के प्रति जागरूक हुए शिक्षक

19 Jan, 2026 7:22 pm
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नैक की बदली हुई मान्यता प्रणाली के प्रति जागरूक हुए शिक्षक

एक दिवसीय व्याख्यान व कार्यशाला का हुआ आयोजन

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आरा.

एमएम महिला कॉलेज में आइक्यूएसी के तत्वावधान में नैक की नयी सुधार प्रणाली पर आधारित एक दिवसीय व्याख्यान एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें न्यू बाइनरी सिस्टम और मेट्युरिटी बेस्ड ग्रेडड अक्करीडिटेशन सिस्टम के बारे में विस्तार से बताया गया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉ नरेंद्र प्रताप पालित ने की. इस कार्यशाला का उद्देश्य नैक की बदली हुई मान्यता प्रणाली के प्रति शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को जागरूक करना था. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वागत गान के साथ हुआ. इसके पश्चात प्राचार्य प्रो पालित द्वारा मुख्य अतिथि प्रो कैलाश सी. पटनायक, मुख्य सलाहकार (एचइआइ) एवं सचिव, लोक सेवा संघ, नई दिल्ली को शॉल, स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ से सम्मानित किया गया. अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो पालित ने कहा कि वर्तमान समय में नैक का मूल्यांकन व्यवस्था पूरी तरह बदल चुकी है. ऐसे में यह अत्यंत आवश्यक है कि महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी यह समझें कि नयी प्रणाली क्या है, इसके लिए हमें किस प्रकार की तैयारी करनी है, किस तरह का क्रियाकलाप का संधारण आवश्यक है तथा कौन-कौन सी प्रक्रियाएं अपनानी होंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है, ताकि सभी को एक स्पष्ट दिशा एवं समझ प्राप्त हो सके. मुख्य वक्ता प्रो. कैलाश सी. पटनायक ने अपने व्याख्यान में भारत में नैक से मान्यता प्राप्त संस्थानों की संख्या, भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रकार, वर्चुअल पीयर टीम विज़िट, बाइनरी सिस्टम एवं एम बी जी एल प्रणाली के अंतर को सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समझाया. उन्होंने शिक्षक-छात्र अनुपात, सकल नामांकन अनुपात , प्रवेश एवं उत्तीर्ण छात्रों के अनुपात जैसे महत्वपूर्ण नैक संकेतकों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने संस्थागत विकास कार्यक्रम (आइडीपी), महाविद्यालय में विभिन्न प्रकार की सेल की भूमिका तथा पर्यावरण ऑडिट, जेंडर सेंसटाइजेशन, ग्रीन ऑडिट, अकादमिक एवं प्रशासनिक ऑडिट, ऊर्जा ऑडिट, आई सी टी एवं डेटा सुरक्षा ऑडिट के महत्व को रेखांकित किया. इसके साथ ही भारतीय ज्ञान प्रणाली,बौद्धिक संपदा अधिकार , शिक्षकों की परामर्श, शोध एवं विकास गतिविधियों में भागीदारी तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए वेलनेस क्लब की स्थापना पर भी बल दिया.इस अवसर पर लोक सेवा संघ, नई दिल्ली के तकनीकी सलाहकार एस.एम. नयाब ने आई सी टी टूल्स एवं आइसीटी सक्षम संस्थागत प्रणाली के विषय में जानकारी देते हुए तकनीक के प्रभावी उपयोग पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन आई क्यूएसी समन्वयक डॉ विजयश्री ने किया. उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए यह आशा व्यक्त की कि प्रो. पटनायक का मार्गदर्शन नैक मान्यता प्राप्त होने तक महाविद्यालय को निरंतर मिलता रहेगा तथा उनके द्वारा दिए गए सुझावों को शीघ्र ही महाविद्यालय की कार्यप्रणाली में लागू किया जायेगा. कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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