पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में इलाजरत एक बच्ची ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या हो गयी पांच
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 10 Sep 2024 10:55 PM
नहीं रुक रहा मौतों का सिलसिला
दुखद:नहीं रुक रहा मौतों का सिलसिला, पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में इलाजरत एक बच्ची ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या हो गयी पांच.
चिरवाहा रेहिका में हर तरफ फैला है सदमे का माहौल, स्वास्थ्य विभाग की क्रियाशीलता पर उठ रहे हैं सवाल
बच्ची के शव पहुंचते हीं ग्रामीण करने लगे प्रदर्शन, इलारत बच्चों की रिलीज की मांग पर अड़े, रिलीज के बाद किया मृत बच्चे का दाह संस्कार.फोटो:40- आक्रोशितों को समझातें पुलिस.
फोटो:41-गमगीन माहौल में परिजनप्रतिनिधि, परवाहा (अररिया)
रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के चिरवाहा रेहिका वार्ड संख्या 11 के बच्चों का चिकनगुनिया से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक सप्ताह में पांच बच्चे का मौत से गांव में मातम पसरा है. सोमवार की रात लगभग दो बजे एक बच्ची जो पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में इलाजरत थी उसकी मौत हो गयी. मृतक बच्ची मुस्कान कुमारी, उम्र ढ़ाई वर्ष पिता राजकुमार ऋषिदेव बतायी जाती है. इस बच्ची का इलाज के क्रम में पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में मौत होने से इस बस्ती के महादलित परिवार में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी दिख रही थी. मुस्कान कुमारी का शव पूर्णिया से घर पहुंचते हीं यह महादलित परिवार स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोशित हो गये व मृतक बच्ची का अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ गये. आक्रोशित परिजनों का कहना था कि जब अस्पताल में इलाज के क्रम में बच्चे की मौत हीं हो जाता है, तो बच्चा अस्पताल में रहकर क्या करेंगे.—————————————–
जब अस्पताल में भी मर रहें बच्चे तो क्यों करायें इलाज
आक्रोशित लोग अररिया सदर अस्पताल में इलाजरत बच्चे आयुष कुमार (13) पिता संतोष ऋषिदेव, गोपाल कुमार (4) पिता सुबोध ऋषिदेव, सोनम कुमारी ढाई वर्ष पिता सुबोध ऋषिदेव को अररिया सदर अस्पताल से रिलीज करने की मांग करने लगे. मेडिकल कैंप में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों के पास इन बच्चे के परिजनों ने स्वेच्छा से बच्चे को घर लाने का मांग किया जिसके बाद सदर अस्पताल में इलाजरत बच्चे को उनका घर लाया गया. जिसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार में जुटे.—————————-
मातम से नहीं निकल पा रहा है चिरवाहा रेहिकामौत के बाद परिजनों सहित पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. गांव में चूल्हा चक्की तक जलना बंद हो गया है. इस गांव के लोगों के आक्रोश के कारण मेडिकल टीम भी विद्यालय में कैंप करना मुनासिब नहीं समझ रही है. वहीं ग्रामीणों का आक्रोशित होने की सूचना पर बौसी पुलिस बस्ती पहुंचकर लोगों को शांत कराया.
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