मनरेगा का नाम बदलना महात्मा गांधी का अपमान : कांग्रेस फारबिसगंज. मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी अररिया के तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रखंड क्षेत्र के हंसकोषा धमदाहा स्थित बापू चौक पर महात्मा गांधी की आदम कद प्रतिमा के नीचे बैठ कर एक दिवसीय उपवास रख कर विरोध दर्ज कराया. इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उपवास पर बैठे व महात्मा गांधी जी के नाम से देश में चलने वाले योजना मनरेगा का नाम सरकार के द्वारा बदले जाने का विरोध किया. उपवास कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष शाद अहमद ने मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे देश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम अर्थात मनरेगा भारत के ग्रामीण अर्थ व्यवस्था की जीवन रेखा है. जो गरीब व वंचित लोगों को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया है. लेकिन केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार ने वी-बी-जी रामजी कानून के जरिए इस अधिकार को सरकारी मेहरबानी में बदल दिया. महात्मा गांधी के नाम से चलने वाले योजना मनरेगा का नाम बदलना महात्मा गांधी का अपमान है. उन्होंने कहा कि केंद्र के मोदी सरकार इस जन विरोधी फैसले का देश के हर गांव में विरोध करने व 45 दोनों का देशव्यापी मनरेगा बचाओ अभियान चलाने का कांग्रेस ने निर्णय लिया है. जिसके तहत आज महात्मा गांधी जी के आदम कद प्रतिमा के नीचे सभी कांग्रेसी कार्यकर्ता एक दिन का उपवास रख कर बैठे हैं. जबकि 12 से 29 जनवरी तक पंचायत प्रतिनिधियों व मनरेगा मजदूरों के साथ संवाद कार्यक्रम होगा, 30 जनवरी शहीद दिवस को वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना किया जायेगा. मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल सिन्हा, कंचन विश्वास, नगर अध्यक्ष अमितेश कुमार गुड्डू, प्रखंड अध्यक्ष गुलाबचंद ऋषिदेव, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष मासूम अंसारी, राकपा नेता मनोज कुमार जायसवाल सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे.
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