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मां दुर्गा का आगमन व प्रस्थान हाथी पर, बन रहा शुभ योग

Updated at : 19 Sep 2025 6:06 PM (IST)
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मां दुर्गा का आगमन व प्रस्थान हाथी पर, बन रहा शुभ योग

मुख्यालय में 10 जगहों पर होता है मां दुर्गा की पूजा-अर्चना

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22 सितंबर को कलश स्थापना, मां खड्गेश्वरी काली मंदिर में होती है विशेष पूजा, मंदिरों को दिया जा रहा है भव्य रूप

अररिया. इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर दिन सोमवार से शुरू हो रहा है. मां दुर्गा को समर्पित यह पर्व 01 अक्तूबर दिन बुधवार तक चलेगा. वहीं 02 अक्तूबर को विजयादशमी का पर्व मनाया जायेगा. नवरात्रि के 09 दिनों में मां दुर्गा के 09 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है. वैसे तो माता रानी सिंह की सवारी करती हैं, लेकिन नवरात्रि में जब धरती पर आती हैं तो उनकी सवारी बदल जाती है. मां जगदंबे के आगमन की सवारी नवरात्रि के प्रारंभ वाले दिन पर निर्भर करती है. नवरात्रि की शुरुआत जिस दिन होती है, उस दिन के आधार पर उनकी सवारी तय होती है. इसी प्रकार से वह जिस दिन विदा होती हैं, उस दिन के आधार पर प्रस्थान की सवारी तय होती है. बंगला पंचाग के अनुसार मां हाथी पर सवार होकर आ रही है. जबकि मिथिला पंचांग के अनुसार मां हाथी पर सवार होकर आ रही है. मां की पूजा सभी दिन होगी, जो भक्तों को शुभ फल प्रदान करेगी. इस बार कोई भी तिथि क्षय नहीं है. बंगला पंचांग के अनुसार मां का आगमन व हाथी पर हो रहा है. वहीं मिथिला पंचांग के अनुसार मां का आगमन हाथी पर हो रहा है, जो काफी बारिश का संकेत है.

हाथी पर आयेंगी मां दुर्गा

विश्व प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर के साधक नानू बाबा ने बताया कि इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत सोमवार को है, सोमवार को शुरू होने के कारण माता का वाहन हाथी होता है. हाथी पर सवार होकर माता का आगमन अधिक बारिश का संकेत देता है. मान्यता के अनुसार यदि नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरू हो रही है तो मां दुर्गा का वाहन हाथी होता है, जो अधिक बारिश के संकेत देता है. वहीं यदि नवरात्रि मंगलवार व शनिवार से शुरू होता है, तो मां का वाहन घोड़ा होता है, जो सत्ता परिवर्तन का संकेत देता है. इसके अलावा गुरुवार या शुक्रवार से शुरू होने पर मां दुर्गा डोली में बैठकर आती हैं, जो रक्तपात, तांडव, जन-धन हानि का संकेत बताता है. वहीं बुधवार के दिन से नवरात्रि की शुरुआत होती है, तो मां नाव पर सवार होकर आती हैं. नाव पर सवार माता का आगमन शुभ होता है. जब मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर में रोजाना संध्या 7:30 पुष्पांजलि आयोजित किया जायेगा.

इस जगहों पर होती है मां दुर्गा की पूजा

शास्त्री नगर दुर्गा मंदिर, ठाकुरबारी दुर्गा मंदिर, अररिया आरएस दुर्गा मंदिर, जयप्रकाश नगर दुर्गा मंदिर, आश्रम दुर्गा मंदिर, समिति दुर्गा मंदिर, अड़गरा दुर्गा मंदिर, पुराना मंडल कारा दुर्गा मंदिर, माता स्थान स्थित दुर्गा मंदिर, अररिया कोट दुर्गा मंदिर के अलावा प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर में दुर्गा पूजा को लेकर रोजाना पूजा अर्चना की जाती है. पहली पूजा से लेकर 09 पूजा तक मां खड्गेश्वरी के साधक नानू बाबा द्वारा हवन व पुष्पांजलि किया जाता है.

नवरात्रि की पूजा तिथि

22 सितंबर – घट स्थापना, मां शैलपुत्री की पूजा23 सितंबर – मां ब्रह्मचारिणी की पूजा24 सितंबर-मां चंद्रघंटा की पूजा 25 सितंबर – मां कूष्माण्डा की पूजा26 सितंबर-मां कूष्माण्डा की पूजा27 सितंबर -मां स्कंदमाता की पूजा 28 सितंबर -मां कात्यायनी की पूजा 29 सितंबर -काल रात्रि की पूजा30 सितंबर- दुर्गा अष्टमी, महागौरी की पूजा01 अक्तूबर – महानवमी, हवन 02 अक्तूबर – विजयादशमी, नवरात्रि पारण, दुर्गा विसर्जन.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MRIGENDRA MANI SINGH

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By MRIGENDRA MANI SINGH

MRIGENDRA MANI SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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