एक करोड़ की राशि का घोटाला
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
बिचौलियों की मिलीभगत से छात्रवृत्ति की राशि का हुआ गबन अररिया : जिले में घपले घोटाले का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. ताजा मामला जिला कल्याण प्रशाखा की ओर से सरकारी स्कूलों में भेजी जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि के गबन से जुड़ा है. डीएम के निर्देश पर शुरू की गयी जांच के […]
विज्ञापन
बिचौलियों की मिलीभगत से छात्रवृत्ति की राशि का हुआ गबन
अररिया : जिले में घपले घोटाले का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. ताजा मामला जिला कल्याण प्रशाखा की ओर से सरकारी स्कूलों में भेजी जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि के गबन से जुड़ा है. डीएम के निर्देश पर शुरू की गयी जांच के शुरुआती चरण में ही एक करोड़ से अधिक की राशि के गबन की पुष्टि हो चुकी है. छात्रवृत्ति की राशि के गबन के लिए अलग-अलग तरीके अपनाये गये थे. छात्रवृत्ति गबन के इस मामले में जिला कल्याण प्रशाखा के कंप्यूटर ऑपरेटर ने अहम भूमिका निभायी है.
सरकारी स्कूलों में नामांकित एससी, एसटी, इबीसी व ओबीसी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की राशि जिला कल्याण प्रशाखा की ओर से हस्तांतरित की जाती है. जिले में प्राथमिक व मध्य विद्यालयों की संख्या लगभग दो
हजार है.
एक करोड़ की…
जिला कल्याण प्रशाखा की ओर से छात्रवृत्ति की राशि के हस्तांतरण में चल रहे फर्जीवाड़ा की भनक मिलने पर डीएम हिमांशु शर्मा ने मामले की जांच का निर्देश दिया था. जांच की प्रक्रिया बुधवार से शुरू की गयी थी. इसी क्रम में अब तक एक करोड़ से अधिक के गबन की पुष्टि हो चुकी है.
डीएम ने कहा कि बाकी प्रखंडों की भी जांच चल रही है. गबन की राशि के करोड़ों में पहुंचने की आशंका है. राशि गबन के लिए अपनाये गये तरीकों की जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि अलग-अलग तरीके सामने आ रहे हैं.
कुछ मामलों में छात्रवृत्ति की राशि विद्यालय शिक्षा समिति के खाते के बजाये, किसी अन्य व्यक्ति के निजी खाते में भेज दी गयी. जबकि, कुछ मामलों में राशि वीएसएस के खाते के बजाये एमडीएम के खाते में भेजी गयी. फारबिसगंज के एक विद्यालय की उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वीएसएस के खाते में एक लाख की राशि व एमडीएम के खाते में छह लाख की राशि भेजी गयी, जिसका गबन कर लिया गया.
डीएम श्री शर्मा ने बताया कि जांच के क्रम में कुछ विद्यालय ऐसे मिले जहां नामांकित बच्चों की संख्या काफी अधिक दर्शाते हुए राशि भेजी गयी. उन्होंने अररिया प्रखंड के एक प्राथमिक विद्यालय के बाबत कहा कि विद्यालय में एससी वर्ग के केवल 85 बच्चे नामांकित हैं,
लेकिन छात्रवृत्ति की राशि 696 एससी बच्चों के लिए भेजी गयी. डीएम के मुताबिक मनमाने ढंग व फर्जीवाड़ा की नियत से बच्चों की संख्या बढ़ाने में जिला कल्याण प्रशाखा के ऑपरेटर मंतोष कुमार ने बिचौलिये व विद्यालय के प्रधानाध्यापक से सांठगांठ करने में अहम भूमिका निभायी.
डीएम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल वर्ष 2015-16 के लिए अप्रैल माह में भेजी गयी छात्रवृत्ति की ही जांच हो रही है. हस्तांतरित की गयी राशि की श्रेणीवार सूची बना कर मिलान किया जा रहा है. बैंकों को भेजे गये एडवाइस की भी पड़ताल चल रही है. बैंक खाता संख्या को खंघाला जा रहा है.
डीएम ने कहा कि दो दिनों में जांच पूरी हो जाने के बाद गबन की राशि की सही तसवीर सामने आयेगी. उन्होंने कहा कि कल्याण प्रशाखा के ऑपरेटर मंतोष कुमार बिचौलियों व दलालों से सांठगांठ कर रैकेट चला रहा था. कुछ स्कूलों से भी उसने सेटिंग कर रखी थी.
डीएम ने कहा कि दोषी प्रधानाध्यापकों व दलालों को चिह्नित किया जा रहा है. गबन की गयी राशि की वसूली तो होगी ही. साथ ही ऑपरेटर सहित सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.
बढ़ाया जायेगा जांच का दायरा :
छात्रवृत्ति राशि के हस्तांतरण में हुए घोटाले को लेकर शुरू हुई जांच का दायरा बढ़ने के आसार है. ऐसा संकेत गुरुवार को डीएम ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दिया. डीएम ने कहा कि छात्रवृत्ति की दूसरी किस्त की भी जांच होगी. साथ ही बीते कुछ वर्षों में छात्रवृत्ति मद में भेजी गयी राशि की जांच कराने पर भी विचार चल रहा है. उन्होंने कहा कि इस जांच के बाद एक दूसरी जांच शुरू होगी, ताकि ये पता चल सके कि छात्रवृत्ति की राशि स्कूलों में नामांकित बच्चों को मिली भी या नहीं.
अधिक राशि लौटाने में ही भलाई :
प्रेस कांफ्रेस के अवसर पर डीएम ने कहा कि अगर किसी विद्यालय के खाते में नामांकित बच्चों से अधिक बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की राशि भेज दी गयी हो, तो प्रधानाध्यापक उस राशि को लौटा दें. इसी में भलाई है. वरना मामला उजागर होने पर दोषी प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा.
कुर्साकांटा के एक मामले ने कर दिया भंडाफोड़ :
कल्याण प्रशाखा की ओर से भेजी जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि में हो रहे फर्जीवाड़ा का भंडाफोड़ कुर्साकांटा प्रखंड के एक मामले से हुआ. जानकारी देते हुए डीएम हिमांशु शर्मा ने बताया कि कुछ समय पहले कुर्साकांटा प्रखंड के एक व्यक्ति दुखु सदा की पत्नी के खाते में तीन लाख से अधिक की राशि अचानक हस्तांतरित हो गयी थी. बताया गया कि इस राशि का दावा करने एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक उसके पास पहुंचे. खाताधारक से कहा गया कि राशि सरकारी है.
लिहाजा लौटा दी जाये, लेकिन तमाम दबाव के बाद भी वो महिला राशि लौटाने पर तैयार नहीं हुई. महिला का तर्क था कि राशि सरकार ने उसे दी है. बताया गया कि काफी दबाव के बाद महिला ने केवल 16 हजार रुपये ही लौटाये. मामले की जानकारी मिलने पर डीएम ने जांच करवाया तो छात्रवृत्ति में हो रहे फर्जीवाड़ा सामने आने लगा.
डीएम के आदेश पर शुरू की गयी है जांच
फर्जीवाड़ा की जांच करते अधिकारी.
फर्जीवाड़ा में जिला कल्याण प्रशाखा के कंप्यूटर ऑपरेटर की अहम भूमिका
अररिया में 70 व कुर्साकांटा में 35 लाख के गबन की पुष्टि
छात्रवृत्ति की राशि विद्यालय शिक्षा समिति के खाते के बजाये, किसी अन्य व्यक्ति के निजी खाते में भेज दी गयी
20 स्कूल चिह्नित :जांच में सामने आये गबन की जानकारी देते हुए गुरुवार को डीएम ने मीडिया कर्मियों को बताया कि जांच की प्रक्रिया चल रही है. अब तक दो प्रखंड अररिया व कुर्साकंटा में लगभग 20 ऐसे स्कूल चिह्नित हो चुके हैं, जहां राशि के गबन के पुख्ता प्रमाण मिल चुके हैं. अररिया प्रखंड में 70 लाख व कुर्साकांटा में लगभग 35 लाख के गबन की पुष्टि हो चुकी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










