पूर्व बीडीओ की बरखास्तगी का सरकारी आदेश निरस्त

Updated:
विज्ञापन

उच्च न्यायालय के फैसले से अधिकारियों में जगी उम्मीद सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में बीडीओ की पुन: बहाली का दिया आदेश घोटाला में कथित संलिप्तता के आरोप में पलासी के पूर्व बीडीओ की हुई थी बरखास्तगी वर्ष 2004-05 में पलासी बीडीओ के रूप में पदस्थापित थे मो शमीम अररिया : जिले के चर्चित […]

विज्ञापन

उच्च न्यायालय के फैसले से अधिकारियों में जगी उम्मीद

सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में
बीडीओ की पुन: बहाली का दिया आदेश
घोटाला में कथित संलिप्तता के आरोप में पलासी के पूर्व बीडीओ की हुई थी बरखास्तगी
वर्ष 2004-05 में पलासी बीडीओ के रूप में पदस्थापित थे मो शमीम
अररिया : जिले के चर्चित डेहटी पैक्स घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में राज्य सरकार की ओर से बरखास्त किये गये तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों में राहत की कुछ उम्मीद जगी है. यह आस पटना उच्च न्यायालय की ओर से हाल ही में पारित एक आदेश से जगी है. क्योंकि इसी मामले में उच्च न्यायालय में दायर एक रिट याचिका में कोर्ट ने याचिकाकर्ता पलासी के तत्कालीन बीडीओ शमीम अख्तर के पक्ष में फैसला दिया है.
उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में सामान्य प्रशासन की ओर से जारी बरखास्तगी के आदेश को न केवल निरस्त कर दिया है, बल्कि सभी बकाया राशि के साथ उनकी पुन: बहाली का आदेश दिया है. दूसरी तरफ बताया जाता है कि इस फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट में एलपीए दायर करने की तैयारी कर रही है.
बरखास्त बीडीओ श्री अख्तर ने राज्य सरकार की बरखास्तगी आदेश की वैधता को चुनौती देते हुए पटना उच्च न्यायालय में बिहार सरकार व अन्य के खिलाफ सिविल रिट याचिका केस संख्या 723/ 2013 दायर की थी. इसी मामले में पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति समरेंद्र प्रताप सिंह की एकल पीठ की ओर से 15 मार्च 2016 को दिये गये फैसले में राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 21 फरवरी 2012 को जारी बरखास्तगी आदेश को निरस्त कर दिया गया है.
तत्कालीन बीडीओ बरखास्तगी…
पारित आदेश में कहा गया है कि पूर्णिया के डगरूवा थाना के बेलगच्छी निवासी शमीम अख्तर ने याचिका दायर कर बरखास्तगी आदेश को निरस्त करने का प्रे किया है. श्री अख्तर जिले के पलासी प्रखंड में चार जनवरी 2004 से नौ मई 2005 तक बीडीओ के पद पर थे. आदेश में तत्कालीन बीडीओ पर सरकार की ओर से लगाये गये आरोपों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि उन पर मुख्य रूप से दो आरोप हैं.
एक तो ये कि बीडीओ श्री अख्तर ने केंद्र व राज्य सरकार के दिशा निर्देश का उल्लंघन करते हुए एसजीआरवाइ मद की राशि बैंक या पोस्ट ऑफिस के बजाय डेहटी पैक्स में नया खाता खोल कर जमा किया. दूसरा यह कि जमा राशि का दुरुपयोग हुआ. इसकी पूरी जिम्मेदारी बीडीओ की बनती है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन