चुनाव को ले विवाह में देखी जा रही है वाहनों की किल्लत

Updated at : 16 Mar 2019 7:19 AM (IST)
विज्ञापन
चुनाव को ले विवाह में देखी जा रही है वाहनों की किल्लत

अररिया : चुनाव को लेकर वाहन मालिकों में वाहन पकड़े जाने का भय सता रहा है. वे अपनी वाहनों को सड़कों पर निकालने से गुरेज कर रहे हैं. इस कारण विवाह समारोह में जाने के लिए बारातियों को वाहनों के किल्लत के दौर से गुजरना पड़ रहा है. यह परेशानी कुछ हद तक ऐसी है […]

विज्ञापन

अररिया : चुनाव को लेकर वाहन मालिकों में वाहन पकड़े जाने का भय सता रहा है. वे अपनी वाहनों को सड़कों पर निकालने से गुरेज कर रहे हैं. इस कारण विवाह समारोह में जाने के लिए बारातियों को वाहनों के किल्लत के दौर से गुजरना पड़ रहा है.

यह परेशानी कुछ हद तक ऐसी है कि लोगों को अगर वाहनों की जरूरत पड़ती है तो वे वाहन भाड़े पर तलाशने के लिए यत्र-तत्र मोबाइल लगाकर परेशान होते रहते हैं. बावजूद उन्हें वाहन नहीं मिल पाता है.

13 मार्च को सबसे ज्याद विवाह लग्न मुहूर्त होने के कारण वाहनों की किल्लत तो जग जाहिर ही थी. बावजूद बहुत सारे वाहन मालिक देहात से शहर में वाहन भेजने से कतराते दिखे. ऐसी परिस्थित में कुर्साकांटा प्रखंड में जिला मुख्यालय से वाहन भाड़े पर मंगाये गये. जिस कारण तेल व वाहन का किराया लोगों को ज्यादा देना पड़ा.
लगभग ऐसी ही स्थिति 14 मार्च को डीएलएड के परीक्षा में भाग लेने के लिए कुर्साकांटा से ही कुछ परिक्षार्थियों को सहरसा जाना था. वाहन को किराये पर मंगाया गया. लेकिन जब चालक को यह पता चला कि वाहन को सहरसा ले जाया जायेगा तो उसने जाने से इनकार कर दिया. बाद में बस या अन्य वाहनों का सहारा लेकर परिक्षार्थी जैसे-तैसे सहरसा पहुंचे. हालांकि इसका एक कारण बहुत सारे भाड़े पर चलने वाले वाहनों का अनुज्ञपत्ति का निजी होना भी है.
जो प्राइवेट निबंधन कराकर वाहनों का उपयोग निजी रूप से करते हैं. वहीं जिनका वाणिज्य का अनुज्ञप्ति बना हुआ है वैसे वाहन मालिक भी जिला मुख्यलाय की सड़कों पर अचार संहिता व चुनाव आयोग द्वारा पकड़े जाने के डर से वाहन नहीं भेजना चाहते हैं. उनका तर्क भी कुछ ऐसा है कि सात चरणों में चुनाव होना है.
एक बार वाहन चुनाव आयोग के सिकंजे में फसा तो फिर वह कब मिलेगा कहना मुश्किल है. वाहनों का रखरखाव के कारण वाहन खराब होने की बात भी वे कहते हैं. कहा कि ऐसे में अगर कोई नेताजी वाहन ले लें तो बढ़िया. कम से कम वाहन नजर के सामने तो रहता है.
वाहनों की किल्लत से बारात आने-जाने से कतरा रहे लोग : अभी के मौसम में अधिकांश शादियां बड़े-बड़े परिवारों में किये जाते हैं. जहां बारात लाने और जाने की प्रक्रिया दूरी की होती है.
ऐसे में चुनाव के दौरान वाहनों की किल्लत सभी जगह देखी जा रही है. जिस कारण जहां बारात जाने से लोग कतरा रहे हैं, वहीं वाहन मालिकों के द्वारा भी दूर का किराया लेने पर आपत्ति जताया जा रहा है.
आखिर कैसे होगी शादी, नहीं मिल रही है गाड़ी
अगर चरण वार चुनाव पर गौर करें तो पहले चरण का चुनाव 11 अप्रैल को है. दूसरे चरण का चुनाव 18 अप्रैल को है. तीसरे चरण का चुनाव 23 अप्रैल, चौथे चरण का चुनाव 29 अप्रैल, पांचवे चरण का चुनाव 06, छठे का 12 मई व सातवें का 19 मई को चुनाव होना है. जबकि विवाह का शुभ मुहूर्त जहां 08 से 13 अप्रैल के बीच था वहीं अब 16 मई से लेकर बीच-बीच के अंतराल में 26 मई तक ही विशेष लगन-मुहूर्त है.
हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि शादी विवाह में किसी तरह का व्यवधान नहीं उत्पन्न नहीं हो इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश भी दिया है. इसके बावजूद लोगों को आदर्श आचार संहिता को मेंटेन करने के लिए थोड़ी झिझक जरूर है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन