47 वर्षों बाद भी नहीं मिल पायी अररिया आरएस ओपी को जमीन

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अररिया : जिले का सीमावर्ती थाना सोनामनी गोदाम हो या सामुदायिक भवन में चलने वाला ताराबाड़ी थाना स्मार्ट पुलिसिंग के दावे को मुंह चिढ़ाता दिख रहा है. ताज्जुब की बात तो यह है कि वरीय अधिकारियों के बीच अररिया नगर परिषद क्षेत्र में स्थित अररिया आरएस ओपी का हाल भी कुछ ऐसा ही हैं. जहां […]

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अररिया : जिले का सीमावर्ती थाना सोनामनी गोदाम हो या सामुदायिक भवन में चलने वाला ताराबाड़ी थाना स्मार्ट पुलिसिंग के दावे को मुंह चिढ़ाता दिख रहा है. ताज्जुब की बात तो यह है कि वरीय अधिकारियों के बीच अररिया नगर परिषद क्षेत्र में स्थित अररिया आरएस ओपी का हाल भी कुछ ऐसा ही हैं.
जहां पर 47 वर्षों से प्रशासनिक महकमे की नजर तक नहीं गयी है. इसलिए तो आज भी इस ओपी को अपना स्थायी पुलिस थाना नहीं मिल पाया है. अररिया आरएस के छोटे से स्थान में आज भी यह थाना वर्ष 1971 से ही भाड़े के मकान में चल रहा है. अब तो स्थिति यह बन बैठी है कि उक्त मकान के मालिक पांच भाइयों द्वारा एसपी, डीएम से लेकर आइजी, डीआइजी आदि को पत्र लिख कर मकान खाली कराने का आवेदन दिया जा रहा है. हालांकि मकान मालिक को अब तक उनके द्वारा भेजे गये आवेदन का जवाब नहीं मिल पाया है. बहरहाल यह सवाल उठता है कि बगैर किसी संसाधन के बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद रखना कहां तक जायज है.
सब्जी के दुकान के बीच
अररिया आरएस ओपी थाना का हाल यह है कि वह अररिया आरएस में नप के द्वारा लगाये जाने वाले सब्जी हाट के बीच में अवस्थित है. जब थाना की स्थापना हुई थी तो वह स्थान खाली था. लेकिन कालांतर में आबादी बढ़ने के साथ ही स्थान भी छोटा होने लगा. अब हालात ऐसे हैं कि थाना में कोई फरियादी पहुंचते हैं तो सड़क जाम होने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. इस ओपी के पास थाना परिसर के नाम पर सामने नगर परिषद की सड़क है. इसलिए परेशानी की स्थिति यथावत बनी रहती है. जानकारों की माने तो यह ओपी अब सुरक्षित भी नहीं रह गया है. क्योंकि ओपी परिसर से निकलने वाले मार्ग पर बराबर ही जाम लगा रहता है. अगर कोई आपराधिक वारदात घटित हो जायें तो पुलिस को निकलने में ही घंटो लग जायेंगे. ऐसे में पुलिस को अपराधी घटना को अंजाम देकर आराम से निकल जायेंगे.
कहती हैं एसपी
इधर इस संबंध में पूछे जाने पर एसपी धुरत शायली ने बताया कि थाना भवन के लिए स्थल चिह्नित करने के लिए प्रस्ताव की मांग की गयी है. जैसे ही प्रस्ताव मिलता है तो इसे अग्रेतर कार्रवाई के लिए आगे भेजा जायेगा.
होल्डिंग कर 3000 और भाड़ा मिल रहा 1008 रुपये
अररिया आरएस ओपी अररिया नप क्षेत्र में स्थित है. इसलिए इसके मकान मालिक को अंचल रसीद के अलावा नगर परिषद को भारी भरकम होल्डिंग कर का भी भुगतान करना होता है. मकान मालिक सत्यनारायण साह के अनुसार उन्हें वर्ष 1971 से ही प्रतिवर्ष तय भाड़ा 1008 रुपये दिया जा रहा है. लेकिन यह भाड़ा भी पिछले वर्ष 2013 से बंद है. जबकि उन्हें प्रति वर्ष अंचल रसीद के शुल्क के अलावा 3000 रुपये का होल्डिंग कर नगर परिषद को भुगतान करना पड़ता है. जिस कारण उन्हें प्रति वर्ष 1992 रुपये का घर से नुकसान हो रहा है. उनके पुत्र अभी बेरोजगार हैं. उसके स्वरोजगार की व्यवस्था के लिए उनके द्वारा डीएम, एसपी, आइजी, डीआइजी को 23 मार्च 2018 को व कई बार आवेदन देकर मकान खाली करने का निवेदन किया गया है. बावजूद इस पर कोई पहल नहीं किया जा रहा है.
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