छलता रहा है मॉनसून नहीं होती एक सी वर्षा
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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मौसम . सीमांचल में बारिश एक समान नहीं सीमांचल में सामान्य से कम हो रही बारिश के कारण किसान चिंतित हैं. वे आशंकित हैं मॉनसून कहीं दगा न दे दे. अररिया : कारण चाहे जो भी हो, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि सीमांचल के चारों जिलों में साल दर साल वर्षापात का औसत एक जैसा […]
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मौसम . सीमांचल में बारिश एक समान नहीं
सीमांचल में सामान्य से कम हो रही बारिश के कारण किसान चिंतित हैं. वे आशंकित हैं मॉनसून कहीं दगा न दे दे.
अररिया : कारण चाहे जो भी हो, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि सीमांचल के चारों जिलों में साल दर साल वर्षापात का औसत एक जैसा नहीं रहता है. वर्षापात की नहीं बल्कि बारिश के दिनों की संख्या भी घटती बढ़ती रहती है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बीते लगभग 15 सालों में अररिया में वार्षिक वर्षापात वर्ष 2003 में सबसे अधिक 1787.5 एमएम था, जबकि पड़ोसी जिला किशनगंज में वर्ष 2003 व 2004 के बाद फिर वैसी बारिश नहीं हुई है. मिली जानकारी के अनुसार जिले का वार्षिक सामान्य वर्षापात 1629.2, किशनगंज का 2141.7, पूर्णिया का 1411.6 व कटिहार का 1176.4 है. पर सांख्यिकी विभाग से उपलब्ध आंकड़े बताते हैं
कि वास्तविक वर्षापात में काफी बदलाव होता रहता है. पिछले पंद्रह सालों के आंकड़ों पर नजर डालने से पता चलता है कि जिले में वर्ष 2015 में सबसे कम 1014.4 एमएम बारिश हुई थी. यही नहीं बल्कि वर्ष 2003, 2007, 2008, 2011 व 2016 को छोड़ बाकी के सालों में जिले का वार्षिक वास्तविक वर्षापात सामान्य से कम ही रहा है. वर्ष 2005, 2006, 2010, 2012 व 2014 में तो वास्तविक बारिश काफी कम रही थी. जहां तक किशनगंज का सवाल है, वहां वार्षिक सामान्य वर्षापात सीमांचल में सबसे अधिक 2141.7 है. पर किशनगंज में भी एक समान बारिश का रिकार्ड नहीं है. किशनगंज में सबसे अधिक 2938.4 एमएम बारिश वर्ष 2004 में रिकार्ड हुई थी. उसके पहले सामान्य से काफी अधिक बारिश वर्ष 2003 में भी रिकार्ड की गयी थी. फिर उन सालों की तरह बारिश किशनगंज में भी नहीं रिकार्ड हुई. आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2001 से वर्ष 2010 के बीच किशनगंज में केवल वर्ष 2007 व 2008 में ही सामान्य वार्षिक वर्षापात से वास्तविक वर्षापात कुछ अधिक रहा. बाकी के तमाम सालों में सामान्य से काफी कम रहा. वर्ष 2006 में तो 50 प्रतिशत ही बारिश हुई थी. पूर्णिया का वार्षिक सामान्य वर्षापात 1411.6 है. पर इसके आसपास केवल वर्ष 2001, 2003, 2007, 2008 व 2009 में ही वर्षापात रिकार्ड किया गया. वर्ष 2002 व 2010 में वार्षिक वास्तविक वर्षापात 950 के आसपास ही रहा. कटिहार की बात करें तो वहां का वार्षिक वास्तविक वर्षापात वर्ष 2005 को छोड़ कमोबेश सामान्य के करीब ही रहा. वर्ष 2004 में तो सबसे अधिक 2194 रिकार्ड किया गया था, जबकि वहां का वार्षिक सामान्य वर्षापात 1176.4 है.
सीमांचल के जिलों का सामान्य वार्षिक वर्षापात
अररिया का वास्तविक वर्षापात
वर्ष वर्षापात
2001 1611.3
2002 1488.8
2003 1787.5
2004 1581.9
2005 1137.7
2006 1136.0
2007 1713.0
2008 1657.7
2009 1298.4
2010 1193.4
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