मोकामा विधानसभा उपचुनाव: क्या इस बार 'अनंत किला' हो जाएगा ध्वस्त, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर

Updated at : 25 Jul 2022 1:44 PM (IST)
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मोकामा विधानसभा उपचुनाव: क्या इस बार 'अनंत किला' हो जाएगा ध्वस्त, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर

अनंत सिंह की गैर मौजूदगी में उनकी पत्नी नीलम सिंह के सियासी मैदान में उतरने की पूरी संभावना है. वे कई दफा सार्वजनिक सभाओं में भी चुनाव लड़ने का जिक्र कर चुकी हैं. इन सब के बीच अनंत को कड़ी टक्कर देने वाले मोकामा के नलिनी रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के भी चुनावी मैदान में उतरने की कयास लगाए जा रहे हैं.

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एके-47 (AK-47) समेत अन्य हथियार बरामद होने के बाद अनंत सिंह को 10 साल की सजा हो चुकी है. उनकी विधायकी रद्द की जा चुकी है. ऐसे में मोकामा विधानसभा की सीट खाली है. राजद के बाहुबली विधायक रहे अनंत सिंह की सदस्यता ख़त्म होने के बाद राजनीतिक दलों ने उपचुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है. इन सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि अनंत सिंह की जगह पर अब आरजेडी किसे प्रत्याशी घोषित करेगी. हालांकि अगर बात मोकामा विधानसभा सीट के सियासी फ़िजा की बात की करें, तो वहां अनंत सिंह विनिंग फैक्टर माने जाते हैं.

क्या ‘अनंत किला’ होगा ध्वस्त ?

बता दें कि अनंत सिंह (Anant Singh) की पत्नी नीलम सिंह इससे पूर्व कई दफा सार्वजनिक सभाओं में पहले ही कह चुकी हैं कि वह मोकामा (Mokama Vidhansabha 2022) से चुनाव लड़ेंगी. हाल के दिनों में भी उन्होंने कहा था कि चुनाव लड़ने को लेकर तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) से बात भी हो गई है. फिलहाल जो भी हो, लेकिन यह क्षेत्र अनंत सिंह अभेद गढ़ माना जाता है. ऐसे में माना जा रहा है कि विधानसभा उप चुनाव दिलचस्प होगा. बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में नीलाम देवी ने मुंगेर लोकसभा से जदूय के वर्तमान अध्यक्ष ललन सिंह के खिलाफ चुनावी ताल ठोका था. हालांकि उस दौरान उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था.

साल 2005 में पहली बार विधायक बने थे अनंत

बता दें कि साल 2005 में अनंत सिंह पहली बार जदयू के टिकट पर मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. उन्होंने 2010 में लोक जनशक्ति पार्टी की प्रत्याशी सोनम देवी को 89,000 मतों के बड़े अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी. 2 सितंबर 2015 को अनंत ने जेडीयू छोड़ दिया और राष्ट्रीय जनता दल शामिल हो गए.

2015 में बिहार सरकार के मंत्री नीरज की हुई थी हार

साल 2015 में बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने जेल में रहकर न केवल चुनाव लड़ा था, बल्कि जीत भी हासिल की थी. उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए बिहार सरकार के मंत्री नीरज को भारी मतों से हराया था. अनंत सिंह को जहां 54005 वोट आए थे, वहीं नीरज को महज 35657 मत मिले थे.

मोकामा के ललन सिंह देते हैं कड़ी टक्कर

मोकामा विधानसभा इलाके में भूमिहार जाती के वोटरों का दबदबा है. अनंत की भूमिहारों के साथ टाल के अति पिछड़ा पर भी पकड़ बताई जाती है. ये माना जाता रहा है कि बाहुबली विधायक अनंत सिंह को यदि कोई टक्कर दे सकता है तो वो हैं मोकामा के नलिनी रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह है. साल 2005 में भी ललन सिंह ने अनंत के खिलाफ चुनाव लड़ा था. इस दौरान जादयू की टिकट पर सियासी मैदान में उतरे अनंत को जहां 35783 मत मिले थे. तो वहीं, लोजपा से ललन सिंह 33,914 वोट लाए थे. ललन सिंह ने उस दौरान महज कुछ ही अंतर से चुनाव हार गए थे. इसके बाद साल 2010 में ललन सिंह की पत्नी सोनम देवी ने भी अनंत को कड़ी टक्कर दिया था. इन सबके बीच जब एक बार फिर से उप चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो चली है, तो ललन सिंह के चुनाव लड़ने की पुरजोर चर्चा है.

POSTED BY- GAURAV KUMAR

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