आलोक मेहता चेत जाएं, पूर्वजों को गाली नहीं करेंगे बर्दाश्त, राजस्व मंत्री मंत्री पर बमके जदयू नेता नीरज कुमार

राजद कोटे से नीतीश कुमार की कैबिनेट में राजस्व मंत्री आलोक मेहता के विवादित बनाय पर महागठबंधन में उबाल आ गया है. जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कड़े शब्दों में कहा है कि आलोक मेहता चेत जाएं, हम अपने पूर्वजों को गाली बर्दाश्त नहीं करेंगे.
पटना. राजद कोटे से नीतीश कुमार की कैबिनेट में राजस्व मंत्री आलोक मेहता के विवादित बनाय पर महागठबंधन में उबाल आ गया है. जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार राजस्व मंत्री के विवादित बयान पर आग बबुला हो गये हैं. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा है कि आलोक मेहता चेत जाएं, हम अपने पूर्वजों को गाली बर्दाश्त नहीं करेंगे. मंत्री आलोक मेहता का बयान दुखद और अपमानजनक है. राजद कोटे से शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने पहले ही रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बता कर जदयू के निशाने पर हैं, अब राजद कोटे के ही मंत्री आलोक मेहता ने सवर्ण जाति के लोगों को अंग्रेजों का दलाल बता कर नया मोरचा खोल दिया है.
नीतीश कुमार की कैबिनेट में मंत्री पद संभाल रहे आलोक मेहता के बयान के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा है कि नीरज कुमार ने कहा है कि राजद के नेता बिना किसी जानकारी के गलत बयानबाजी कर रहे हैं. राजस्व मंत्री आलोक मेहता को इतिहास का ज्ञान नहीं है. वो पहले जानकारी ले लें, तब इस तरह का बयान दें. उन्होंने कहा है कि कोई हमारे पूर्वजों को अपमानित करे, यह किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा. किसी के पूर्वज को कोई सार्वजनिक रूप से अंग्रेजों का दलाल कह दे, यह किसी को अधिकार नहीं है.
नीरज कुमार ने कहा कि सवर्ण जाति के लोगों ने अग्रेजों से लड़ाई में अपने खेत-खलिहान को बेच दिये और कारावास में अपनी जिंदगी बिता दी. उन्हें मालूम होना चाहिए कि स्वतंत्रता सेनानी के बेटों का बिहार है. आलोक मेहता को पता होना चाहिए कि आजादी की लड़ाई जाति के आधार पर नहीं लड़ी गयी थी. आजादी की लड़ाई में सभी समुदाय के लोगों ने अपना बलिदान दिया है. कुछ भी बोलने से पहले जानकारी ले लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जो लोग जाति व्यवस्था पर टिप्पणी करते हैं, उनको प्राचीन भारत की इतिहास पढ़ लेना चाहिए.
नीरज कुमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों को अपमानिक करने का अधिकार किसी को नहीं है. सवर्णों को 10 प्रतिशत का आरक्षण कोई भीख नहीं है और ना ही किसी के कृपा से मिला है. संसद से यह कानून बना और सुप्रीम कोर्ट ने इसपर मुहर लगाई. बिहार सबसे पहला राज्य है, जहां 2011 में सवर्ण आयोग की रिपोर्ट आई. इसके बावजूद इस तरह से बयान देकर समाज को बांटने का अधिकार किसी को नहीं है. जदयू एमएलसी ने कहा राजद ए टू जेड की पार्टी होने का दावा करती है, उम्मीद है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसपर अपना नजरिया जरूर पेश करेगी. हमारी पार्टी ने राजद के साथ इसलिए गठबंधन किया कि उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल को ए टू जेड की पार्टी बताया था. हमारा मानना है कि जो भी बात हो संविधान के दायरे में रहकर हो.
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