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बिहार में ताड़ी पर सियासत तेज, तेजस्वी के बाद चिराग ने सीएम नीतीश से की बैन हटाने की मांग

Updated at : 29 Apr 2025 3:47 PM (IST)
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चिराग पासवान

चिराग पासवान

बिहार में शराबबंदी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. इसी कड़ी में केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान ने ताड़ी को नैचुरल ड्रिंक्र बताते हुए उस पर लगे हुए रीस्ट्रिक्शन को हटाने की मांग की है. इससे पहले राजद नेता तेजस्वी यादव भी ऐसी मांग कर चुके हैं.

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बिहार: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने ताड़ी को लेकर सरकार से बड़ी मांग की है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि हमने कई बार बिहार सरकार से मांग की है कि ताड़ी के कारोबार को शराबबंदी कानून से बाहर रखा जाए और जो लोग इस कारोबार से जुड़े हैं, उन्हें इससे जुड़े रहने दिया जाए. बता दें कि चिराग से पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी पिछले दिनों ऐलान किया था कि अगर उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के बाद सरकार में आती है तो वह ताड़ी पर लगे रीस्ट्रिक्शन को हटा लेंगे.  

ताड़ी एक नैचुरल ड्रिंक है: चिराग 

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मीडिया को दिए बयान में कहा, “ बिहार में शराब बैन है, लेकिन ताड़ी एक नैचुरल ड्रिंक है और इसे शराब की कैटेगरी में नहीं रखा जाना चाहिए.” उन्होंने यह बयान विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के किये गए वादे पर दिया है. तेजस्वी यादव ने पिछले दिनों ऐलान किया था कि अगर उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में पावर में आती है तो ताड़ी पर लगे बैन को हटा लिया जाएगा.चिराग पासवान ने मीडिया को बताया, “मैंने कई बार कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी के तौर पर मेरी पार्टी राज्य सरकार को सपोर्ट करती है, लेकिन हम यहां शासन का हिस्सा नहीं हैं. मैं यह निश्चित रूप से मानता हूं कि ताड़ी एक नैचुरल प्रोडक्ट है”. 

तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव

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पासी समुदाय से जुड़ा है ताड़ी का व्यवसाय: तेजस्वी 

तेजस्वी यादव ने पटना में रविवार को पासी कम्युनिटी के एक कॉन्फ्रेंस को एड्रेस करते हुए कहा था कि शराबबंदी कानून ने पासी कम्युनिटी को प्रभावित किया है, उनकी इनकम का एकमात्र सोर्स ताड़ी निकालना था. इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों के बीच ऐलान किया कि पासी समुदाय कई जेनरेशन से यह काम करता आ रहा है और उनके पास पैसे कमाने के लिए कोई और स्किल या एग्रीकल्चरल लैंड नहीं है. इसलिए ताड़ी निकालने की प्रथा को बढ़ावा देने के लिए रीस्ट्रिक्शन हटाना जरूरी है. सरकार में आने के बाद वह ताड़ी को शराबबंदी से अलग करेंगे.- श्रीति सागर

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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