भारत के एक और ओलंपिक खिलाड़ी के डोप टेस्ट में नाकाम रहने के संकेत
Updated at : 03 Aug 2016 3:33 PM (IST)
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नयी दिल्ली : रियो ओलंपिक से पहले भारत का डोप शर्मिंदगी का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा और अब ऐसे संकेत हैं कि 200 मीटर के धावक धरमवीर सिंह पिछले महीने प्रतिस्पर्धा के भीतर हुए टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के दोषी पाये गए हैं. ओलंपिक में 36 साल बाद क्वालीफाई करने वाले भारत […]
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नयी दिल्ली : रियो ओलंपिक से पहले भारत का डोप शर्मिंदगी का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा और अब ऐसे संकेत हैं कि 200 मीटर के धावक धरमवीर सिंह पिछले महीने प्रतिस्पर्धा के भीतर हुए टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के दोषी पाये गए हैं.
ओलंपिक में 36 साल बाद क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले पुरुष फर्राटा धावक बने धरमवीर ने कल रात रियो की फ्लाइट नहीं ली. ऐसी अटकलें हैं कि 11 जुलाई को बेंगलूर में इंडियन ग्रां प्री मीट के दौरान राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी द्वारा लिये गए उनके ए नमूने में अनाबालिक स्टेरायड पाया गया है. नाडा या भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है.
धरमवीर को कल रियो रवाना होना था लेकिन उसे रुकने के लिये कहा गया है. सूत्रों ने कहा कि नाडा ने उससे पूछा है कि क्या वह अपने बी नमूने की जांच कराना चाहता है और उसके पास प्रक्रिया पूरी करने के लिये सात दिन का समय है. बी नमूना भी पाजीटिव पाये जाने पर उसका ओलंपिक से बाहर रहना तय है और ऐसे में दूसरा अपराध होने के कारण उस पर आठ साल का प्रतिबंध भी लग सकता है. उसे 2012 में अंतर प्रांत चैम्पियनशिप में 100 मीटर की दौड़ का स्वर्ण पदक गंवाना पड़ा था जब उसने जरुरी डोप टेस्ट नहीं दिया था.
खेल मेडिसिन विशेषज्ञों के अनुसार वाडा की नई आचार संहिता के तहत आजीवन प्रतिबंध का प्रावधान नहीं है और अधिकतम सजा आठ साल की है. धरमवीर ने बेंगलूर में चौथी इंडियन जीपी में 20.45 सेकंड़ का समय निकाला था जबकि ओलंपिक के लिये क्वालीफिकेशन का स्तर 20.50 सेकंड़ था. उसके इस प्रदर्शन से कई हलकों में संदेह जताया गया था क्योंकि पिछले कुछ समय से उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं था और वह राष्ट्रीय शिविर की बजाय रोहतक में अपने निजी कोच के साथ अभ्यास कर रहा था.
इससे पहले शाटपुट खिलाडी इंदरजीत सिंह और पहलवान नरसिंह यादव भी डोप टेस्ट में नाकाम रहे लेकिन नाडा की डोपिंग निरोधक अनुशासन समिति ने नरसिंह को यह कहकर क्लीन चिट दे दी कि वह साजिश का शिकार हुआ है.
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