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एक प्रारुप में खेलना मानसिक रुप से मुश्किल : सानिया

Updated at : 20 Sep 2015 8:54 PM (IST)
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एक प्रारुप में खेलना मानसिक रुप से मुश्किल : सानिया

मुंबई : भारत की शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने आज कहा कि सिर्फ युगल मैचों में खेलना शारीरिक रुप से उनके शरीर के लिए अच्छा है लेकिन साथ ही यह मानसिक रुप से थकाने वाला है. दुनिया की नंबर एक युगल खिलाड़ी ने क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया की मानद आजीवन सदस्यता ग्रहण करने […]

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मुंबई : भारत की शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने आज कहा कि सिर्फ युगल मैचों में खेलना शारीरिक रुप से उनके शरीर के लिए अच्छा है लेकिन साथ ही यह मानसिक रुप से थकाने वाला है. दुनिया की नंबर एक युगल खिलाड़ी ने क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया की मानद आजीवन सदस्यता ग्रहण करने के बाद कहा, ‘‘मैं सिर्फ एक प्रारुप में खेल रही हूं जो मेरे शरीर के लिए आसान है लेकिन मानसिक रुप से कडा है. साल में 25 हफ्तों तक शीर्ष पर रहना आसान नहीं होता.” स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ पहले विंबलडन और फिर अमेरिकी ओपन के रुप में लगातार दो महिला युगल ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाली सानिया ने बताया कि पेशेवर सर्किट में लगातार खेलना कितना मुश्किल है.

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य चीज यह है कि ग्रैंडस्लैम के लिए शीर्ष पर रहो लेकिन यह काफी मुश्किल है और मानसिक रुप से सबसे मुश्किल चीज. लेकिन टेनिस खिलाडी इसके आदी होते हैं. मैं इस साल पहले ही 60 मैच खेल चुकी हूं. इसमें से लगभग 50 मैच मार्टिना के साथ खेले हैं जो काफी मैच होते हैं.”

हिंगिस ने सानिया के अलावा एक अन्य भारतीय लिएंडर पेस के साथ भी मिश्रित युगल खिताब जीते जिसके संदर्भ में सानिया ने कहा, ‘‘मार्टिन को भारत से प्यार है. भारत उसके लिए अच्छा रहा है.” सानिया को अब सत्र में कल से ग्वांग्झू अंतरराष्ट्रीय महिला ओपन और सिंगापुर में 25 अक्तूबर से डब्ल्यूटीए सत्रांत फाइनल्स में हिस्सा लेना है जहां ये जोडी गत विजेता है.

इस स्टार भारतीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैं पांच घंटे में चीन के लिए रवाना हो जाउंगी. वहां दो हफ्ते खेलूंगी, दो हफ्ते आराम और फिर सिंगापुर जाउंगी और इसके बाद यह सत्र मेरे लिए खत्म हो जाएगा. हम अच्छा खेल रहे हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम सब कुछ जीत जाएंगे.” उन्होंने कहा, ‘‘हम नंबर एक टीम हैं, व्यक्तिगत रुप से मैं नंबर एक और वह नंबर दो है. इसलिए खिताब से कुछ भी कम कागजों पर विफलता होगी. लेकिन किसी के लिए भी हर वह टूर्नामेंट जिसमें वह खेले उसे जीतना असंभव है.” सानिया ने कहा कि दिल्ली में डेविस कप विश्व ग्रुप प्ले आफ मुकाबले में चेक गणराज्य के खिलाफ भारत की हार निराशाजनक थी लेकिन विरोधी टीम काफी मजबूत थी.

उन्होंने कहा, ‘‘चेक टीम के खिलाफ मुकाबला हमेशा कडा होने वाला था. कल युगल में रोहन (बोपन्ना) और ली (लिएंडर पेस) की हार निराशाजनक थी लेकिन किसी का भी बुरा दिन हो सकता है. यह आगे बढ़ने का समय है.” मानद आजीवन सदस्यता के लिए सीसीआई को धन्यवाद देते हुए सानिया ने अपने क्रिकेट संबंध के बारे में कहा, ‘‘मेरे पति (पाकिस्तान के शोएब मलिक) क्रिकेटर हैं, मेरे परिवार में सभी लोगों ने क्रिकेट खेला है. क्रिकेट मेरे खून में है. मेरे पिता क्रिकेट खेलते थे और मेरे एक अंकल रणजी ट्राफी खेले हैं. मैंने यहां सीसीआई में पहले कुछ टूर्नामेंट खेले हैं.”

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