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पाकिस्तानी टीम को भारत आने की क्यों दी गई इजाजत, खेल मंत्रालय ने बताई मजबूरी

Updated at : 04 Jul 2025 8:40 PM (IST)
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Asia Cup Hockey

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Olympics 2036: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है. ऐसे में पाकिस्तान की टीमों को भारत में टूर्नामेंट की इजाजत देने से देशवासी नाराज है. अब खेल मंत्रालय ने उस मजबूरी का जिक्र किया है, जिसकी वजह से पाकिस्तान को भारत में खेलने की अनुमति दी गई. हॉकी के एशिया कप और जूनियर विश्व कप, जूनियर निशानेबाजी विश्व कप और विश्व पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए पाकिस्तान को इजाजत दी गई है.

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Olympics 2036: ओलंपिक खेलों की मेजबानी की महत्वाकांक्षी योजना के कारण भारत सरकार के लिए व्यापक जन आक्रोश के बावजूद पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के खिलाफ उसके खिलाड़ियों को यहां बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए रोकने का विकल्प महंगा पड़ सकता था. इसके कारण देश को भविष्य में बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी से वंचित किया जा सकता था. सरकार ने गुरुवार को हॉकी के एशिया कप (अगस्त) और जूनियर विश्व कप (नवंबर-दिसंबर), जूनियर निशानेबाजी विश्व कप (सितंबर) और विश्व पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप (अक्टूबर) में पाकिस्तानी भागीदारी के लिए अपनी मंजूरी दे दी. पहलगाम में आतंकवादियों के हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बावजूद पाकिस्तान के खिलाड़ियों या टीम को वैश्विक टूर्नामेंटों में भारत में खेलने से रोकना ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन होता जो ओलंपिक आंदोलन के लिए एक संविधान की तरह है. Why was Pakistani team allowed to come to India Sports Ministry explained

भारत को 6 साल पहले भुगतना पड़ा था खामियाजा

चार्टर का नियम 44 विशेष रूप से राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों को ‘नस्लीय, धार्मिक या राजनीतिक कारणों’ के आधार पर एथलीटों को बाहर करने से प्रतिबंधित करता है. भारत को इसका खामियाजा छह साल पहले भुगतना पड़ा था जब पाकिस्तानी निशानेबाजों को आईएसएसएाफ निशानेबाजी विश्व कप में भाग लेने के लिए वीजा देने से मना कर दिया गया था. यह ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा थी. भारत के इस कदम से नाराज आईओसी ने देश से भविष्य की सभी प्रतियोगिताओं की मेजबानी के अधिकारों पर चर्चा रोक दी. उसने इसके साथ ही 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल प्रतियोगिता का ओलंपिक क्वालीफाइंग दर्जा भी रद्द कर दिया. इस स्पर्धा की सूची में पाकिस्तान के निशानेबाजों का भी नाम था.

पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर लगाई थी रोक

भारत ने उस समय यह कदम पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के विरोध में उठाया था. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ग्रुप के उस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान शहीद हो गये थे. भारत के साथ भविष्य के टूर्नामेंट पर बातचीत तभी फिर से शुरू हुई उसने लिखित गारंटी दी कि आगे ऐसी कोई भेदभाव नहीं होगा. आईओसी ने अंतरराष्ट्रीय महासंघों को सिफारिश की थी कि ‘गारंटी प्राप्त होने तक भारत को टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं दी जानी चाहिए.’ उससे एक साल पहले भारत ने महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में कोसोवो के मुक्केबाजों को वीजा देने से इनकार कर दिया था.

ओलंपिक 2036 की मेजबानी करने वाला है भारत

भारत अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक की मेजबानी की अपनी योजनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है. ऐसे में बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को रोकने के किसी भी कदम से इसकी संभावनाओं को गंभीर रूप से नुकसान होता. मंत्रालय के सूत्र ने गुरुवार को सरकार के फैसले के पीछे के कारणों को समझाते हुए कहा था, ‘यह एक सामान्य स्थिति नहीं है. आप अगर खुद को वैश्विक टूर्नामेंट की मेजबानी करने में सक्षम राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं तो आप किसी भी देश के खिलाड़ियों को आने से नहीं रोक सकते. द्विपक्षीय प्रतियोगिता इससे अलग है और हम द्विपक्षीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान से खेलने से बच सकते हैं.’

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AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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