‘वही था जिसने सबसे पहले...’, सिराज के मैजिक से गदगद कोच मोर्केल, तारीफ में क्या-क्या नहीं कह दिया

Morne Morkel on Mohammad Siraj.
Morne Morkel on Mohammad Siraj: भारत-इंग्लैंड का पांचवां टेस्ट अंतिम दिन रोमांचक मोड़ पर है, भारत को जीत के लिए 4 और इंग्लैंड को 35 रन चाहिए. सारी निगाहें मोहम्मद सिराज के ‘मियां मैजिक’ पर हैं, जिनके स्पेल मैच का रुख बदल सकते हैं. कोच मॉर्नी मोर्केल ने उन्हें नेचुरल लीडर बताते हुए बुमराह की गैरमौजूदगी में उनकी शानदार जिम्मेदारी निभाने की तारीफ की.
Morne Morkel on Mohammad Siraj: मौसम की मार के कारण भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां और आखिरी मुकाबला अंतिम दिन तक खिंच कर और रोमांचक हो गया है. भारत सीरीज बराबर करने से 4 विकेट दूर है, वहीं इंग्लैंड को 3-1 से जीत दर्ज करने के लिए 35 रन चाहिए. अब सबकी निगाहें डीएसपी मोहम्म्द सिराज के ‘मियां मैजिक’ पर टिकी हैं. सिराज के घातक स्पेल मैच के नतीजे को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकते हैं. भारतीय गेंदबाजी कोच मॉर्नी मोर्केल ने नेचुरल लीडर मोहम्मद सिराज की जमकर तारीफ की. जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में भारत की तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालते हुए सिराज एक नई पहचान हासिल कर रहे हैं और ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के पांचवें टेस्ट में इस अतिरिक्त जिम्मेदारी का आनंद ले रहे हैं.
मोहम्मद सिराज मैदान पर बवंडर की तरह दौड़ रहे हैं और भारत के लिए लगातार विकेट निकालने वाले स्पेल डालते हुए सबसे बड़े वर्कहॉर्स बने हुए हैं. उन्होंने सीरीज के पांचों टेस्ट में अब तक 1,088 गेंदें डाली हैं, जो किसी भी खिलाड़ी से सबसे ज़्यादा है, और अंतिम दिन इस आंकड़े में और इजाफा होगा. जज्बे और समर्पण के साथ गेंदबाजी करते हुए 31 वर्षीय सिराज अब तक 36.85 की औसत से 20 विकेट झटक चुके हैं. उन्होंने कई मौकों पर पुराने गेंद से भी लंबे स्पेल डाले हैं.
पोस्ट-डे प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोर्केल ने कहा, “मैंने सीरीज की शुरुआत में ही कहा था कि मैं सिराज के लिए बहुत खुश हूं कि उन्हें पहचान मिल रही है. ड्रेसिंग रूम में वह हमेशा टीम को आगे ले जाने वाले खिलाड़ी रहे हैं. मेरा मानना है कि वह स्वाभाविक रूप से लीडर हैं, भले ही ज्यादा बोलते नहीं हों, लेकिन अपने काम से बहुत कुछ कह जाते हैं. इस सीरीज में उन्होंने गेंद से वही किया है, जिसकी हमें जरूरत थी, जब भी टीम को कोई आगे आकर बदलाव लाने वाला चाहिए था, उन्होंने हाथ उठाया.”

उन्होंने आगे कहा, “कभी दो-तीन ओवर अतिरिक्त डालना हो या कोई मौका बनाना हो, वह वही खिलाड़ी रहे हैं. उन्होंने मेहनत की है और अब उसका फल मिल रहा है. आज भी उन्होंने मैच के अहम मौकों पर टीम को ऊर्जा दी. ऐसे स्मार्ट खेल की जरूरत होती है और मेरे लिए सिराज इस सीरीज में शानदार रहे हैं.”
सीरीज के सबसे सफल गेंदबाज सिराज ने भारत के थके हुए पेस अटैक में नई जान फूंक दी. तीसरे दिन के अंत में जैक क्रॉली को आउट करने के बाद चौथे दिन उन्होंने ओली पोप को एलबीडब्लू किया और लगातार आकाश दीप और प्रसिद्ध कृष्णा को प्रेरित करते रहे.
दिन के आखिरी सत्र में जब जो रूट और जैकब बेथेल क्रीज पर थे, तो मैच एकतरफा होता दिख रहा था. लेकिन अपनी धारदार निप-इन डिलीवरी से उन्होंने लगातार इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान किया, जिससे प्रसिद्ध कृष्णा को मौका मिला. कृष्णा ने पहले बेथेल को 5(31) पर बोल्ड किया और फिर रूट को स्लिप में कैच थमा दिया, जो 105(152) पर आउट हुए. यह पहली बार नहीं था जब सिराज ने एक छोर से दबाव बनाया और साथी गेंदबाज ने विकेट लिया.
एजबेस्टन टेस्ट में भी उन्होंने आकाश दीप के साथ मिलकर इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया, जिससे साझेदारी तोड़ने के मौके बने. उस टेस्ट में जीत के बाद आकाश दीप ने भी सिराज के योगदान की तारीफ की थी. मोर्केल का मानना है कि सिराज को केंद्र में रहना पसंद है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें यह एहसास हो गया है कि बुमराह के न होने पर वह आक्रमण के लीडर हैं. और ऐसा नहीं है कि बुमराह के होते वह पीछे हटते, लेकिन जब आपको नई गेंद डालनी हो, पहला बदलाव करना हो या 30-40 टेस्ट खेलने के अनुभव के साथ आना हो, तो टोन सेट करनी होती है. और मुझे लगता है कि वह इस मौके का आनंद लेते हैं.”

टेस्ट शुरू होने से पहले सिराज की फिटनेस और वर्कलोड को लेकर चिंता थी, खासकर पिछले चार मैचों में उनके द्वारा डाले गए ओवरों को देखते हुए. बुमराह केवल तीन टेस्ट खेल पाए और आखिरी मैच में उपलब्ध नहीं थे. मोर्केल ने बताया कि सिराज से उनके मानसिक और शारीरिक हालात को लेकर बात हुई थी, लेकिन उन्होंने तुरंत कहा कि वह खेलना चाहते हैं.
मोर्केल ने कहा, “टेस्ट से पहले हमने उनसे बात की थी कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से कैसा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने बहुत ओवर डाले थे. लेकिन वह पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने कहा, ‘मैं यह टेस्ट खेलना चाहता हूं. मैं टीम के लिए जीतना चाहता हूं.’ सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि उनका रवैया भी शानदार है. जब आपके पास ऐसा खिलाड़ी हो, जो पूरे दिन दौड़कर गेंदबाजी करने को तैयार हो, तो मुझे उनके आंकड़े देखकर हैरानी नहीं होती.”
भारत ने इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रन का लक्ष्य रखा है, जबकि उन्होंने 6 विकेट के नुकसान पर 339 रन बना लिए हैं. इंग्लैंड को जीत के लिए अभी 35 रन चाहिए, वहीं भारत को 4 विकेट की जरूरत है. देखना होगा कि क्रिस वोक्स बैटिंग करने उतरते हैं या नहीं. भारत को उम्मीद है कि पहली पारी में चार और दूसरी में दो विकेट लेने वाले सिराज, आखिरी दिन दो और विकेट झटककर भारत को यादगार जीत दिलाएंगे. फिलहाल इंग्लैंड ने जेमी ओवरटन और जेमी स्मिथ क्रीज पर नाबाद टिके हुए हैं.
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By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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