पैसों की तंगी, उधार की किट, लेकिन जज्बा ऐसा कि इंडिया U-16 टीम तक पहुंच गए कृष्णा भगत

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Cricketer krishna bhagat: कृष्णा भगत, गुमला का रहने वाला एक आदिवासी बच्चा, जिसने आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के बावजूद क्रिकेट में बड़ा मुकाम हासिल किया है. उधार की किट से शुरुआत कर अब वह इंडिया अंडर-16 टीम तक पहुंच गया है. यह कहानी सिर्फ उसकी नहीं, बल्कि हर उस बच्चे की प्रेरणा है जो बड़े सपने देखता है.
Tribal Cricketer, Cricketer Krishna Bhagat: आदिवासी समाज से एक और लड़का क्रिकेट जगत में धूम मचाने के लिए तैयार है. अगर उन्हें खेलने का मौका मिला तो रॉबिन मिंज के बाद वह ऐसा दूसरा ट्राइबल लड़का होगा जो राष्ट्रीय स्तर के किसी टूर्नामेंट में खेलेगा. आप भी सोच रहे होंगे कि वह कौन है? तो चलिए बिना घुमा फिराये उस क्रिकेटर के बारे में बता देते हैं. इस लड़का का नाम कृष्णा भगत है. गुमला के इस बल्लेबाज का चयन इंडिया अंडर-16 टीम में हुआ है. वह राजकीयकृत मध्य विद्यालय गुमला में 8वीं कक्षा का छात्र है. उनके क्रिकेट की जर्नी के जानने के लिए प्रभात खबर के प्रतिनिधि समीर उरांव ने उनसे खास बातचीत की है. पेश है बातचीत के प्रमुख अंश
Q.1. क्रिकेट में रूचि कैसे आयी? कब से आपने क्रिकेट खेलना शुरू किया
जवाब : मैंने क्रिकेट खेलने की शुरुआत भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) को देखकर किया. उस वक्त मैं 10 साल का था. इससे पहले मैं हिमाचल प्रदेश के अंडर-14 टीम से खेल चुका हूं.
Q.2. क्रिकेट खेलने के दौरान किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ा?
जवाब : जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया तो मेरे पास बैट नहीं थे. उस वक्त मैं जब बल्लेबाजी करने जाता था तो दोस्त से बैट मांगकर बैटिंग करता था. बाद में जब मुझे लगा कि बिना अपने बैट के मैं अच्छी प्रैक्टिस नहीं कर पाउंगा तो मैंने पिता जी से क्रिकेट किट की मांग की. उस वक्त मेरे पिता के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह मुझे क्रिकेट किट खरीद कर दे सके. इसलिए उन्होंने दूसरे से पैसे उधारी मांग कर मेरे लिए क्रिकेट का सामान खरीदा.

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Q.3 क्रिकेट में आप अपना आइडल किसे मानते हैं?
जवाब : क्रिकेट में मैं अपना आइडल सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) सर को मानता हूं. लेकिन विराट कोहली की खेल से प्रभावित होकर मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया.
Q.4. टीम इंडिया में आपका चयन कैसे हुआ
जवाब : मैंने सबसे पहले हिमाचल प्रदेश में ही क्रिकेट का ट्रायल दिया था. वहां पर चयन होने के बाद मुझे रांची में ट्रायल के लिए बुलाया गया. जिसके बाद मेरा चयन इंडिया अंडर-16 क्रिकेट टीम में हुआ.
Q.5. आप झारखंड कैसे आए
जवाब : मेरे पिता को झारखंड का रॉकमैन क्रिकेट अकादमी की तरफ से कॉल आया था. उसी के बाद मैं गुमला आया.
Q.6.आप किस नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं
जवाब : मैं मिडल ऑर्डर पर बल्लेबाजी करता हूं.
Q.7. माता-पिता क्या करते हैं और आपके कितने भाई बहन हैं
जवाब : मेरे पिता हिमाचल प्रदेश में वेल्डिंग का काम करते हैं और मां सिलाई-कढ़ाई का काम करती है. मैं गुमला में अपने बड़ी मां और पिता-जी के पास रहकर पढ़ाई के साथ क्रिकेट प्रैक्टिस करता हूं. मैं अपने मा-पिताजी का एकलौता संतान हूं.
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लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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