Brendon McCullum on Coaching: इंग्लैंड क्रिकेट इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहा है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज (Ashes Series) में करारी हार के बाद टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं. सबसे ज्यादा चर्चा इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम (Brendon Mccullum) के भविष्य को लेकर है. सीरीज में शुरुआती तीन टेस्ट हारने के बाद आलोचना तेज हो गई है. हालांकि मैकुलम खुद अपने पद पर बने रहना चाहते हैं. उन्होंने साफ कहा है कि अब उनका भविष्य उनके हाथ में नहीं है. इसके साथ ही खिलाड़ियों के अनुशासन और टीम कल्चर पर भी बहस शुरू हो गई है.
एशेज में हार के बाद मैकुलम पर दबाव
इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया (ENG vs AUS) के खिलाफ एशेज सीरीज में बेहद खराब शुरुआत की. टीम पहले तीन टेस्ट मैच हार गई और सीरीज 3-0 से हाथ से निकल गई. इस हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) और मीडिया ने कोचिंग स्टाफ पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. ब्रेंडन मैकुलम की रणनीति और टीम चयन पर भी चर्चा हुई. ऑस्ट्रेलिया की धरती पर इंग्लैंड का रिकॉर्ड पहले से ही कमजोर रहा है. टीम पिछले 18 टेस्ट मैचों से वहां कोई जीत दर्ज नहीं कर पाई है. ऐसे में यह हार और ज्यादा निराशाजनक मानी जा रही है.
भविष्य पर मैकुलम का बयान
ब्रेंडन मैकुलम ने अपने भविष्य पर बात करते हुए कहा कि यह फैसला उनके हाथ में नहीं है. उन्होंने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाते रहेंगे. मैकुलम ने माना कि कोच बने रहना या नहीं यह फैसला बोर्ड को करना है. उन्होंने यह भी कहा कि जब से उन्होंने पद संभाला है टीम ने कुछ क्षेत्रों में सुधार किया है. न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने कोचिंग को एक शानदार जिम्मेदारी बताया. उनके मुताबिक खिलाड़ियों के साथ काम करना और उनसे बेहतर प्रदर्शन निकलवाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है.
2027 विश्व कप तक का कॉन्ट्रैक्ट
मैकुलम का इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड के साथ कॉन्ट्रैक्ट 2027 वनडे विश्व कप तक है. पहले उन्हें सिर्फ टेस्ट टीम का कोच बनाया गया था. बाद में सीमित ओवरों की टीम की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई. बोर्ड ने उन्हें लंबी योजना के तहत चुना था. लेकिन एशेज की हार ने इस योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब यह देखना होगा कि बोर्ड मैकुलम पर भरोसा बनाए रखता है या बदलाव की राह चुनता है.
खिलाड़ियों के अनुशासन पर भी उठे सवाल
एशेज सीरीज के दौरान खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर भी खबरें सामने आई हैं. रिपोर्ट्स में कहा गया कि ब्रेक के दौरान कुछ खिलाड़ियों ने ज्यादा शराब पी. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के प्रबंध निदेशक रॉब की ने इन आरोपों की जांच का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो यह पूरी तरह गलत है. हालांकि शुरुआती जानकारी में खिलाड़ियों के व्यवहार को ठीक बताया गया है. टीम जब सीरीज में पीछे चल रही थी तब खिलाड़ियों ने क्वींसलैंड के एक रिसॉर्ट में समय बिताया. इस पर भी मीडिया में खूब चर्चा हुई.
आगे की राह पर नजर
इंग्लैंड क्रिकेट के लिए आने वाला समय अहम है. टीम को न सिर्फ अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा बल्कि अनुशासन और सोच में भी बदलाव लाना होगा. मैकुलम के नेतृत्व में टीम आक्रामक क्रिकेट खेलने की कोशिश कर रही है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ यह तरीका सफल नहीं रहा. अब बोर्ड और टीम मैनेजमेंट को मिलकर यह तय करना होगा कि आगे किस दिशा में जाना है. इंग्लैंड के प्रशंसक भी बदलाव और बेहतर नतीजों की उम्मीद कर रहे हैं.
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