कौन लेकर आया क्रिकेट में "दूसरा " तकनीक ? सकलैन या कोहली के कोच

नयी दिल्ली : इससे पहले की "दूसरा " की शुरुआत कहां हुई इस पर चर्चा शुरू करें आप जान लीजिए यह तकनीक क्या है और कैसे इसका इस्तेमाल होता है. ‘दूसरा’ एक प्रकार की ऐसी डिलीवरी होती है, जो ‘ऑफ स्पिनर्स द्वारा अपने ऑफ स्पिन गेंदबाजी एक्शन के तहत फेंकी जाती है. इसमें खास बात […]
नयी दिल्ली : इससे पहले की "दूसरा " की शुरुआत कहां हुई इस पर चर्चा शुरू करें आप जान लीजिए यह तकनीक क्या है और कैसे इसका इस्तेमाल होता है. ‘दूसरा’ एक प्रकार की ऐसी डिलीवरी होती है, जो ‘ऑफ स्पिनर्स द्वारा अपने ऑफ स्पिन गेंदबाजी एक्शन के तहत फेंकी जाती है. इसमें खास बात यह होती है कि बल्लेबाज़ को गेंद फेंकते हुए गेंदबाज़ इसमें अंतिम क्षणों में कलाई की पोजिशन को बदल देता है. सीधे शब्दों में कहे तो यह गेंदबाजों को छकाने का तरीका है.
इस तकनीक में गेंद अपनी विपरीत दिशा की ओर टर्न ले लेती है. कई बार ऑफ स्पिनर बल्लेबाज को गेंदबाजी करता है, तो गेंद पिच पर टप्पा खाने के बाद अंदर जाने के बजाये बाहर की तरफ टर्न लेती है. नाम से आपका परिचय हो गया अब इस पर बहस शुरू हो गयी है कि सबसे पहले इसका इस्तेमाल किसने किया. क्रिकेट जगत सकलैन मुश्ताक को ‘दूसरा’ का जनक मानता है लेकिन एक नयी किताब में दावा किया गया है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने सबसे पहले आफ स्पिनरों की इस घातक गेंद का सबसे पहले उपयोग किया था.
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