प्रेमंचद की कहानी ‘क्रिकेट मैच’ पर फिल्म बनाना चाहते हैं ये निर्देशक

Author Agency
Updated:
विज्ञापन
प्रेमंचद की कहानी ‘क्रिकेट मैच’ पर फिल्म बनाना चाहते हैं ये निर्देशक

फिल्म निर्देशक, निर्माता और संगीतकार विशाल भारद्वाज प्रेमचंद की कहानी ‘क्रिकेट मैच’ पर फिल्म बनाने की ख्वाहिश रखते हैं और उनका कहना है कि अगर कभी कोई ‘फाइनेंसर’ मिला तो वह प्रेमचंद के साथ ही प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार शिवानी की किसी कहानी पर बायोपिक बनाना चाहेंगे.

विज्ञापन

फिल्म निर्देशक, निर्माता और संगीतकार विशाल भारद्वाज प्रेमचंद की कहानी ‘क्रिकेट मैच’ पर फिल्म बनाने की ख्वाहिश रखते हैं और उनका कहना है कि अगर कभी कोई ‘फाइनेंसर’ मिला तो वह प्रेमचंद के साथ ही प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार शिवानी की किसी कहानी पर और महान उर्दू शायर मीर तकी ‘मीर’ पर ‘गालिब’ जैसी बायोपिक बनाना चाहेंगे. ‘ओंकारा’, ‘मकबूल’, ‘सात खून माफ’, ‘कमीने’ जैसी यादगार फिल्में बनाने वाले विशाल ने यहां संपन्न 17वें जयपुर साहित्योत्सव (जेएलएफ) में यह बात कही. भारद्वाज ने कहा कि उन्हें आजादी से पहले लिखी गई प्रेमचंद की यह कहानी इसलिए पसंद है कि यह क्रिकेट को केंद्र में रखकर लिखी गई है और इस खेल ने उनकी जिंदगी में भी बहुत बड़ी भूमिका अदा की है.

Also Read: IPL 2024: ऋषभ पंत की हो सकती है वापसी, रिकी पोंटिंग ने ली गारंटी
ये है पूरी कहानी

विशाल ने बताया कि इस कहानी में एक विदेशी युवती है जो भारत आकर भारतीयों को लेकर एक क्रिकेट टीम बनाती है और अंत में होता ये है कि टीम के सारे खिलाड़ी उस युवती से प्रेम करने लग जाते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदी लेखकों में उन्हें शिवानी भी बहुत पसंद हैं और वह उनकी किसी कहानी को भी सुनहरे परदे पर उतारना चाहेंगें और साथ ही महान उर्दू शायर मीर तकी ‘मीर’ पर गालिब जैसी यादगार बायोपिक बनाने का भी उनका सपना है.

Also Read: जसप्रीत बुमराह ने रचा नया इतिहास, ये कारनामा करने वाले बने पहले भारतीय तेज गेंदबाज
क्रिकेट मुझे काफी कुछ सिखाता है: भारद्वाज

भारद्वाज ने अपने जीवन पर क्रिकेट के भारी प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि क्रिकेट से उन्होंने एक बात सीखी कि आखिरी गेंद फेंके जाने तक मैच खत्म नहीं होता है. फिल्म इंडस्ट्र्री में गला काट प्रतिस्पर्धा, फिल्मों की सफलता-विफलता को प्रभावित करने वाली ताकतों संबंधी एक सवाल पर विशाल भारद्वाज ने कहा कि इस प्रकार की प्रवृति पहले भी कभी बालीवुड में नहीं रही लेकिन जहां तक किसी कलाकार या निर्देशक को ‘चलाने या गिराने’ की बात है तो यह किसी के हाथ में नहीं है.

Also Read: ‘सचिन ने मां से सिखा…’ जानें धास के पिता ने ऐसा क्यों कहा
12वीं फेल फिल्म ने जगाई उम्मीद की किरण

उन्होंने कहा, ‘जिस के सिर पर ऊपर वाले का हाथ होता है, उसे कोई रोक नहीं सकता. दर्शकों को पसंद आता है तो चलता है.’ फिल्म ‘12वीं फेल’ की सफलता को फिल्मों के लिए ‘एक उम्मीद की किरण’ बताते हुए विशाल ने कहा कि आजकल ऐसी फिल्मों के लिए पैसा जुटाना बहुत मुश्किल है. हर कोई डरा रहता है, हर कोई इस खोज में लगा रहता है कि थियेटर में क्या चलेगा? यह फिल्म बॉक्स आफिस पर सत्तर करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है.

Also Read: इन भारतीय गेंदबाजों ने WTC में खोला है सबसे अधिक बार पंजा

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola